महाकुंभ में भगदड़ के बाद अब प्रयागराज में हुए कुछ बदलाव

प्रयागराज: मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में मची भगदड़ ने कई मासूमों की जान ले ली. हादसे में हुई अब तक 30 लोगों की मौत ने हर किसी को झंझोर कर रख दिया है. इस घटना को लेकर न सिर्फ सीएम योगी बल्कि पीएम मोदी समेत सभी नेताओं ने दुख व्यक्त किया है. योगी सरकार ने भगदड़ में मृतक के परिजनों को 25-25 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने का ऐलान किया है. वहीं योगी ने इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश भी दिए हैं.
भागदड़ के बाद हुए यह बदलाव
- नो व्हीकल जोन बनाया गया: घटना के बाद सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है.
- मकाकुंभ क्षेत्र में किसी भी VVIP वाहन की एंट्री पर रोक लगा दी गई है.
- भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वन वे रूट्स को आज से शुरू किया गया है. इसके माध्यम से श्रद्धालुओं की सुचारू आवाजाही को सुनिश्चित किया जा सकेगा. वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. प्रयागराज से सटे जिलों से आने वाले वाहनों को जिले की सीमाओं पर ही रोक दिया जा रहा है.
- 4 फरवरी तक सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं. इस तरीख तक शह में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू किया गया है.
हालांकि भगदड़ के बाद अब महाकुंभ में हालात पूरी तरह से सामान्य हो गए हैं. वहां प्रशासन हर व्यवस्था को संभाल चुकी है. किसी को स्नान करने में अब किसी तरह की दिक्कत नहीं हो रही है.
महाकुंभ में मची भगदड़ को लेकर मेला प्रशासन ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मृतकों और घायलों का आंकड़ा जारी किया है. महाकुंभ मेला प्रशासन ने बताया कि भगदड़ में 30 लोगों की जान जा चुकी है. कुल 90 लोग घायल हुए थे. 60 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतकों में 25 लोगों की पहचान की गई है.
DIG महाकुंभ नगर मेला क्षेत्र वैभव कृष्ण ने बताया कि आखिर संगम तट पर भगदड़ कैसे मच गई थी. DIG वैभव कृष्ण ने बताया कि मंगलवार रात 1 से 2 बजे के बीच बहुत भीड़ हो गई थी.कुछ श्रद्धालु मौनी अमावस्या पर ब्रम्ह मुहूर्त में अमृत स्नान के लिए संगम तट पर ही सोए हुए थे.मेले में बैरिकेड्स लगे हैं. घाट पर कुछ बैरिकेड्स टूट गए, जिसकी वजह से जमीन पर सो रहे कुछ श्रद्धालु अफरातफरी में चढ़ गए. कुचलने से जो घायल हो गये, उनमें से कुछ की मौत हो गई.





