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मौनी अमावस्या 2025: पवित्र स्नान, तर्पण और श्रद्धालुओं का जनसैलाब, प्रयागराज में विशेष तैयारियां

मौनी अमावस्या, सनातन धर्म में एक विशेष महत्व रखने वाला पर्व, इस वर्ष 29 जनवरी को मनाया जा रहा है। प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। शनिवार और रविवार की छुट्टियों के दौरान सवा करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया, और सोमवार को यह आंकड़ा 1.55 करोड़ तक पहुंच गया। प्रशासन के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

 

माघ माह की अमावस्या तिथि को भगवान विष्णु और पितरों को समर्पित इस दिन को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है। मौनी अमावस्या के अवसर पर पवित्र नदी में स्नान, तर्पण, दान और मौन व्रत का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इन कर्मों से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है, पापों से छुटकारा मिलता है और व्यक्ति की वाणी शुद्ध होती है।

 

विशेष यातायात और रेलवे व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए 25 जनवरी से प्रयागराज में विशेष यातायात प्रबंधन लागू किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र को ‘वाहन निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित किया गया है। आठ रेलवे स्टेशनों (प्रयागराज जंक्शन, सूबेदारगंज, छिवकी, नैनी, रामबाग, झूंसी, प्रयाग और फाफामऊ) के आसपास यातायात नियमों में बदलाव किया गया है।

 

प्रयागराज जंक्शन: सिटी साइड से प्रवेश और सिविल लाइंस साइड से निकास।

 

नैनी स्टेशन: स्टेशन रोड से प्रवेश और मालगोदाम साइड से निकास।

 

सूबेदारगंज स्टेशन: झलवा (कौशांबी रोड) से प्रवेश और सुलेमसराय साइड से निकास।

 

फाफामऊ स्टेशन: रंगपुरा की ओर से प्रवेश और बनारस रोड की ओर निकास।

 

चार पहिया वाहनों को स्टेशन परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। आरक्षित यात्रियों के लिए विशेष गेट की व्यवस्था की गई है।

 

मेला प्रशासन और कुंभ पुलिस ने व्यापक प्रबंध किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संगम क्षेत्र में बैरिकेडिंग का कार्य तेजी से पूरा किया गया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए हर सेक्टर और जोन में विशेष इंतजाम किए गए हैं।

 

मौनी अमावस्या पर मौन व्रत रखने का भी विशेष महत्व है। इससे मन को शांत रखने और ध्यान में एकाग्रता बढ़ाने में मदद मिलती है। इस दिन तर्पण, पिंडदान और दान करना पितरों की कृपा प्राप्त करने का प्रमुख माध्यम माना जाता है।

 

मौनी अमावस्या पर भीड़ को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने 28 से 30 जनवरी तक अवकाश घोषित किया है।प्रयागराज में उमड़ी श्रद्धालुओं की यह भीड़ और धार्मिक उत्साह एक बार फिर मौनी अमावस्या की महिमा और भारतीय संस्कृति के महत्व को दर्शा रहा है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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