बिहार: मोकामा में पूर्व विधायक अनंत सिंह पर बड़ा हमला, बाल-बाल बचे अनंत

बिहार के बाहुबली नेता और मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह को बुधवार रात जान से मारने की कोशिश की गई। यह घटना पटना जिले के मोकामा प्रखंड के नौरंगा जलालपुर गांव में घटी। आपको बता दे कि कुख्यात सोनू-मोनू गैंग ने इस हमले को अंजाम दिया। हमलावरों ने करीब 100 राउंड गोलियां चलाईं, लेकिन अनंत सिंह को किसी प्रकार की चोट नहीं आई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, और पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। इस घटना में पुलिस ने 3 लोगों पर एफ आई आर दर्ज कर ली है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष मुकेश कुमार का भी आवेदन स्वीकार किया है। मुकेश ने आरोप लगाया है कि उनके घर पर पैसों की लूट की, रंगदारी मांगी और घर पर ताला भी लगा दिया।
गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाके में तनाव
अनंत सिंह नौरंगा जलालपुर गांव में एक पारिवारिक विवाद का निपटारा करने पहुंचे थे। इसी दौरान सोनू-मोनू गैंग ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जवाब में अनंत सिंह के समर्थकों ने भी गोलियां चलाईं। घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके से तीन खोखे बरामद किए हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
कुख्यात सोनू–मोनू गैंग का खौफ
सोनू और मोनू जलालपुर गांव के रहने वाले हैं, इन दोनों के खिलाफ हत्या, लूट और रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं। सूत्रों के अनुसार, इनकी मां ने मुखिया का चुनाव जीतकर परिवार की राजनीतिक ताकत को और मजबूत किया है।
अनंत सिंह: विवादों से घिरे बाहुबली नेता
अनंत सिंह, जिन्हें ‘छोटे सरकार’ के नाम से जाना जाता है, उनकी छवि एक विवादित नेता की है। वे एके-47 रखने के मामले में लगभग 5 साल जेल में रह चुके हैं। 2024 में पटना हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया था। इस केस के कारण उन्हें 10 साल की सजा हुई थी, जिसके चलते उनकी विधायकी के पद से भी हाथ धोना पड़ा।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ डीएसपी राकेश कुमार पांच थानों की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि फायरिंग में इस्तेमाल हुए गोलियों के खोखे बरामद हुए हैं। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया है।
तनावपूर्ण माहौल में पुलिस की मुस्तैदी
हमले के बाद से नौरंगा जलालपुर और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। गांव में कई थानों की पुलिस ने कैंप लगा लिया है। फिलहाल पुलिस इस घटना के पीछे के कारणों और सोनू-मोनू गैंग के इरादों की जांच कर रही है।





