ISRO का मिशन SpaDeX, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ISRO को दी बधाई

इसरो (ISRO) ने सोमवार शाम ‘स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट’ यानी स्पैडेक्स सैटेलाइन की सफल लॉन्चिंग कर एक नया इतिहास रच दिया है. सोमवार रात 10 बजते ही भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के इतिहास में एक और मिल का पत्थर शामिल हो गया. जब श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी60 के जरिए स्पैडेक्स मिशन को अंजाम दिया गया.
अंतरिक्ष की दुनिया में अपने बूते डॉकिंग अनडॉकिंग की तकनीक को अंजाम देने में सिर्फ रूस, अमेरिका और चीन को ही महारत हासिल है. अब भारत भी इस ग्रुप में शामिल होने की तैयारी में है. इस मिशन की कामयाबी के साथ ही भारत रूस, अमेरिका और चीन की बराबरी कर लेगा.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर SpaDex मिशन के सफल प्रक्षेपण पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को बधाई दी और इसे एक अभूतपूर्व अपलब्धि बताया, जो भारत को अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक में महारत हासिल करने वाला चौथा देश बनने के करीब ले जाता है.
एक्स पर पोस्ट करते हुए अमित शाह ने लिखा, “भारत अंतरिक्ष डॉकिंग में माहरत हासिल करने वाला चौथा देश बनने की ओर अग्रसर है. उन्होंने कहा कि, SpaDeX मिशन के सफल प्रक्षेपण पर टीम ISRO को बधाई.”
Bharat paces to become the fourth nation to master space docking.
Kudos to Team @isro on the successful launch of #SpaDeX Mission. This is a grand success that opens a new path for Bharat in space docking technology and strengthens its role as a global leader in space. All my… pic.twitter.com/PFiGrIlTEt
— Amit Shah (@AmitShah) December 31, 2024
इस बीच, सोमवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधन संगठन (ISRO) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से स्पाडेक्स और इनोवेटिव पेलोड के साथ PSLV-C60 को लॉन्च किया.
इसरो का साल 2024 का अंत मिशन ऐतिहासिक है क्योंकि यह अंतरिक्ष में दो उपग्रहों को डॉक करने या विलय करने या एक साथ जोड़ने की दुर्लभ उपलब्धि हासिल करना चाहता है. इस परियोजना को “Space Docking Experiment (SpaDeX)” नाम दिया गया है.





