प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में अष्टलक्ष्मी महोत्सव में लिया हिस्सा, कहा- “21वीं सदी ईस्ट की है, एशिया की है, पूर्व की है, भारत की है..”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में अष्टलक्ष्मी महोत्सव में लिया हिस्सा, कहा- “21वीं सदी ईस्ट की है, एशिया की है, पूर्व की है, भारत की है..”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी शुक्रवार को भारत मंडपम में अष्टलक्ष्मी महोत्सव में हिस्सा लिया। पीएम मोदी के साथ केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। इस दौरान भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के कारीगरों और शिल्पकारों ने भारत मंडपम में अष्टलक्ष्मी महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। बता दें कि यह महोत्सव 6 से 8 दिसंबर, 2024 तक मनाया जा रहा है
#WATCH दिल्ली: भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के कारीगरों और शिल्पकारों ने भारत मंडपम में अष्टलक्ष्मी महोत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। यह महोत्सव 6 से 8 दिसंबर, 2024 तक मनाया जा रहा है।
इस दौरान केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र… pic.twitter.com/lnbi7MBL8J
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 6, 2024
इस कार्यक्रम में पीएम मोदी से पहले केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सम्बोधन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि “…प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो सोच और विचारधारा है कि अतुल्य भारत की अतुल्य पूर्वी क्षेत्र की विशेषताओं को विश्व पटल पर हमें उजागर करना होगा…प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्वाभाविक रूप से तय कर दिया कि पूर्वोत्तर भारत का ग्रोथ इंजन बनेगा। पिछले 60 वर्षों में जिस क्षेत्र को विकास से दूर रखा गया था, प्रधानमंत्री मोदी ने निर्णय लिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हम वहीं से शुरु करेंगे…”
इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस है। बाबा साहब का बनाया संविधान, संविधान के 75 वर्ष के अनुभव हर देशवासी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा। मैं बाबा साहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं…”
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पर्वोत्तर के विविधता भरे रंग आज राजधानी में एक सुंदर सा इंद्रधनुष बना रहे हैं…” उन्होंने कहा कि “…पश्चिमी क्षेत्र ने भारत की ग्रोथ स्टोरी में बड़ी भूमिका निभाई है…21वीं सदी ईस्ट की है, एशिया की है, पूर्व की है, भारत की है…मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि भारत में भी आने वाला समय, पूर्वी भारत का है, हमारे पूर्वोत्तर का है…”
उन्होंने कहा कि अष्टलक्ष्मी महोत्सव, नॉर्थ ईस्ट के बेहतर भविष्य का उत्सव है, ये विकास के नूतन सूर्योदय का उत्सव है, जो ‘विकसित भारत’ के मिशन को गति देने वाला है…”





