NM वेरिफाइडताज़ा खबरें

फैक्ट चेक: ‘फोन एडिक्शन’ के खतरे की जागरूकता पर बनाए गए माँ-बेटे के वीडियो को सच मान कर किया जा रहा है वायरल

फैक्ट चेक: ‘फोन एडिक्शन’ के खतरे की जागरूकता पर बनाए गए माँ-बेटे के वीडियो को सच मान कर किया जा रहा है वायरल

सोशल मीडिया पर एक महिला और स्कूल जाते एक बच्चे का सीसीटीवी फुटेज वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला स्कूल की ड्रेस पहने बैठे बच्चे को फ़ोन चलाता देख उसपर नाराज होती है। वीडियो में किसी प्रकार का कोई ऑडियो नहीं सुनाई दे रहा इसलिए देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि महिला बच्चे से फ़ोन छीनकर उसे पढ़ने के लिए कहती है, क्योंकि बच्चा बाद में किताब ला कर पढ़ने लगता है। थोड़ी देर बाद जब महिला खुद फ़ोन पर किसी से बात करने लगती है तो बच्चा क्रिकेट बैट लाकर महिला के सर पर धमक देता है। जिससे वह महिला बेहोश हो जाती है और बाद में एक बार फिर बच्चा अपना फ़ोन उठाकर उसे चलाने लगता है।

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मोबाइल फ़ोन की लत्त के कारण बच्चा ऐसा करता है, मोबाइल फ़ोन की लत्त बहुत खतरनाक होती है। फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर कर अंग्रेजी भाषा के कैप्शन में लिखा गया कि “Mobile Phone Addiction Is Getting Dangerous” हिंदी अनुवाद- ‘मोबाइल फोन की लत खतरनाक होती जा रही है‘.

फेसबुक के वायरल पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो सच्ची घटना पर आधारित नहीं है।  

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़कर और गूगल लेंस के माध्यम से खोजना शुरू किया।  खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो कई यूट्यूब चैनल पर मिला। लेकिन कहीं भी इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं गयी है। इसलिए सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया।

खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो जिला गाजियाबाद नामक एक फेसबुक यूज़र प्रोफाइल पर मिला। जिसे हाल ही अपलोड किया गया था। यहाँ जानकारी दी गयी है कि वायरल वीडियो दरअसल, एक स्क्रिप्टेड वीडियो है इसका वास्तविता से कोई संबंध नहीं है। इसलिए इसकी सटीक जानकारी के लिए हमने गूगल पर खोजना शुरू किया।

 

इसके बाद वीडियो की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो तो नहीं मिला लेकिन एक दूसरा वीडियो फेसबुक के Ideas Factory नामक फेसबुक पेज पर मिला। जिसे 2 दिन पहले ही अपलोड किया गया था। प्राप्त वीडियो में वायरल वीडियो वाले दृश्य को तो नहीं देखा जा सकता है, लेकिन वायरल वीडियो में दिख रही महिला वह कमरे का पूरा सेटअप वैसा ही दिखाई दे रहा है।

तुलना

 

 

Ideas Factory पेज को खंगालने पर हमने जाना कि इस पेज में ड्रामा और स्क्रिप्टेड वीडियो ही अपलोड किए जाते हैं। सभी वीडियो को अपलोड कर यह डिस्क्लेमर दिया गया है।

वायरल वीडियो की पड़ताल के दौरान हमें मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो असली घटना नहीं बल्कि काल्पनिक है, जिसे जागरूकता के उद्देश्य से बनाया गया था।

Show More

Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button