भारत को मिला 7वां स्वर्ण पदक, जैवलिन थ्रो में सिल्वर से गोल्ड में बदला नवदीप का मैडल

भारत को मिला 7वां स्वर्ण पदक, जैवलिन थ्रो में सिल्वर से गोल्ड में बदला नवदीप का मैडल
पैरालंपिक में भारत ने शानदार प्रदर्शन जारी है। पेरिस पैरालंपिक में 7 सितंबर (शुनिवार) को मेन्स जैवलिन थ्रो (F41) स्पर्धा में भारत के नवदीप सिंह ने गोल्ड मेडल जीत लिया है। यह पुरुषों की भाला एफ41 श्रेणी में भारत का पहला स्वर्ण पदक है। इसके साथ ही पैरालंपिक गेम्स में भारत के 7 गोल्ड मेडल हो चुके हैं। भारत ने किसी भी पैरालंपिक में इतने गोल्ड नहीं जीते थे।
जीत के बाद नवदीप सिंह ने कहा, “यूरोप में खेलों की संस्कृति अच्छी रही है… मुझे लगता है कि फ्रांस के लोग पैरा स्पोर्ट्स को सामान्य से अधिक समर्थन देते हैं, इसलिए यहां के लोगों में काफी उत्साह था, उनसे मिलकर अच्छा लगा और यह भी अच्छा लगा कि पैरा स्पोर्ट्स भी इतने लोकप्रिय हो रहे हैं।”
#WATCH पेरिस: पैरा एथलीट नवदीप सिंह ने पुरुषों की भाला फेंक F41 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
उन्होंने कहा, “यूरोप में खेलों की संस्कृति अच्छी रही है… मुझे लगता है कि फ्रांस के लोग पैरा स्पोर्ट्स को सामान्य से अधिक समर्थन देते हैं, इसलिए यहां के लोगों में काफी उत्साह था, उनसे… pic.twitter.com/iiWuBFjXv8
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 8, 2024
पेरिस पैरालंपिक में पुरुषों की भाला फेंक F41 स्पर्धा में नवदीप के रजत पदक के स्वर्ण पदक में तब्दील होने पर भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र झाझड़िया ने कहा, “नवदीप का प्रदर्शन लाजवाब है…उन्होंने देश के लिए 7वां स्वर्ण पदक जीता है…मैं सभी खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के लिए बधाई देता हूं…PM मोदी को भी मैं धन्यवाद देता हूं उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया है।”
गौरतलब है कि पेरिस पैरालंपिक में शनिवार को पुरुषों की भाला फेंक एफ41 फाइनल में नाटकीय प्रदर्शन के बीच ईरान के बेत सयाह सादेघ को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद भारत के नवदीप सिंह के रजत पदक को स्वर्ण में बदल दिया गया। गोल्ड मेडल जीतने वाले पानीपत के बुआना लाखु के नवदीप सिंह के पिता दलबीर सिंह पहलवान थे। उन्होंने नवदीप को भी कुश्ती के अखाड़े में उतार दिया था, लेकिन पीठ में दर्द के चलते उन्हें कुश्ती छोड़नी पड़ी, लेकिन खेल से मन नहीं हटा। 2017 में पैरा एथलीट संदीप चौधरी को भाला फेंकते हुए देखा तो भाला थाम लिया।
लेकिन चार फुट चार इंच के नवदीप के लिए उनकी लंबाई सबसे बड़ी बाधा थी क्योंकि भाला की लंबाई ही 7.21 फुट होती है। लेकिन नवदीप ने हार नहीं मानी और इसी खेल को अपना जुनून बना लिया। इस वर्ष हुई विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर पेरिस पैरालंपिक के लिए क्वालीफाई किया।





