बीजापुर में 52 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 49 पर था 1.41 करोड़ रुपये का इनाम

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार (15 जनवरी 2026) को 52 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के अनुसार, इनमें से 49 माओवादियों पर कुल 1.41 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के तहत एक बड़ी सफलता है। दक्षिण सब-जोनल ब्यूरो से जुड़े इन माओवादी कैडरों ने हिंसा और जनविरोधी विचारधारा को त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन माओवादियों पर उनके पद और संगठन में भूमिका के अनुसार 1 लाख रुपये से लेकर 8 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में 21 महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, डिविजनल कमेटी सदस्य लख्खू करम उर्फ अनिल (32) और प्लाटून पार्टी कमेटी के सदस्य लक्ष्मी मड़वी (28) तथा चिन्नी सोढ़ी उर्फ शांति (28) पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा 13 माओवादियों पर 5 लाख रुपये, 19 पर 2 लाख रुपये और 14 पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कुल 52 में से 49 माओवादियों पर 1.41 करोड़ रुपये का सामूहिक इनाम था।
पुनर्वास प्रक्रिया के तहत आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक माओवादी को तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रोत्साहन स्वरूप दी गई। इससे एक दिन पहले बुधवार (14 जनवरी 2026) को पड़ोसी सुकमा जिले में भी 29 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि 1 जनवरी 2024 से अब तक जिले में 876 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं। वहीं, वर्ष 2025 में पूरे छत्तीसगढ़ में 1,500 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।





