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छिंदवाड़ा में ज़हरीली सिरप से 10 बच्चों की मौत, डॉक्टर गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा ज़िले में एक दर्दनाक हादसे में कम से कम 10 बच्चों की मौत हो गई है। इन बच्चों को एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान Contaminated (जहरीली) खांसी की सिरप Coldrif दी गई थी। इस मामले में डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है और दवा बनाने वाली कंपनी पर भी मामला दर्ज हुआ है।

गिरफ्तार किए गए डॉक्टर का नाम डॉ. प्रवीण सोनी है, जो सरकारी बाल रोग विशेषज्ञ (पेडियाट्रिशन) हैं। उन्होंने ये सिरप अपने प्राइवेट क्लिनिक में बच्चों को दी थी, जो छिंदवाड़ा के परासिया क्षेत्र में है। बच्चों की मौत के अधिकतर मामले इसी इलाके से आए हैं। जांच में पता चला कि Coldrif सिरप में 48.6% Diethylene Glycol (DEG) नाम का ज़हरीला केमिकल मिला हुआ था। यह वही रसायन है जो पहले भी कई मास प्वाइजनिंग (एक साथ ज़्यादा मौतों) के मामलों से जुड़ा रहा है।

तमिलनाडु की ड्रग टेस्टिंग लैब (चेन्नई) ने इस सिरप को “नॉन-स्टैंडर्ड क्वालिटी” यानी खराब गुणवत्ता का बताया। रिपोर्ट आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में Coldrif सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके अलावा Nextro-DS सिरप पर भी एहतियातन रोक लगाई गई है जब तक उसकी जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती।

घटना की टाइमलाइन

  • सितंबर की शुरुआत में, बच्चों को सर्दी-खांसी और बुखार हुआ था।

  • उन्हें Coldrif सिरप दी गई जिससे पहले कुछ सुधार दिखा।

  • फिर बच्चों की किडनी में गंभीर समस्या शुरू हो गई – पेशाब कम आना और गुर्दा फेलियर जैसे लक्षण दिखे।

  • किडनी की बायोप्सी में पता चला कि मौत की वजह DEG से विषाक्तता (टॉक्सिसिटी) थी।

मृत बच्चों में से कुछ परासिया, दो छिंदवाड़ा शहर और एक चौरई से थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा, “छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत अत्यंत दुखद है। Coldrif सिरप की बिक्री पर पूरे प्रदेश में रोक लगाई गई है। कंपनी की अन्य दवाओं पर भी प्रतिबंध लगेगा। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

उन्होंने बताया कि सिरप बनाने वाली कंपनी Srisan Pharmaceuticals तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है, और वहां भी जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना से पूरे देश में चिंता बढ़ गई है। राजस्थान, तमिलनाडु और केरल ने भी Coldrif सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी भी चल रही है और संबंधित दवाओं के सैंपल्स दूसरी लैब्स में भी भेजे गए हैं।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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