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फैक्ट चेक: रोती हुई महिला सिपाही का यह वीडियो साल 2021 का है, सोशल मीडिया पर फिर से हो रहा है वायरल

फैक्ट चेक: रोती हुई महिला सिपाही का यह वीडियो साल 2021 का है, सोशल मीडिया पर फिर से हो रहा है वायरल

 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से हो रही है। वीडियो में एक महिला कांस्टेबल को रोते हुए देखा जा सकता है, इस दौरान महिला कांस्टेबल अपने थाना अध्यक्ष राजेश कुमार मीणा पर थाना की सभी महिला कांस्टेबल को टॉर्चर करने का आरोप लगाते हुए अपनी पीड़ा कैमरे के सामने बयां कर रहीं हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो हालिया दिनों का है जहां एक थाना अध्यक्ष अपने थाने की महिला सिपाहियों को प्रताड़ित कर रहा है।

फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “कासगंज में महिला सिपाही की गुहार सुनिए, अब सड़कों पर छोड़िए थाने में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं”

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2021 के दौरान का है।  

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा महिला सिपाही का वीडियो हमें देखने पर पुराना लगा। इसलिए सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर अपनी पड़ताल शुरू की। हमने सबसे पहले वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें Huma Naqvi नामक फेसबुक प्रोफाइल पर वायरल वीडियो मिला। जिसे जुलाई 06, 2021 को अपलोड किया गया था।  यहाँ वीडियो के कैप्शन में बताया गया है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के कासगंज के एक थाने में तैनात महिला सिपाही का वीडियो है।

उपरोक्त प्राप्त फेसबुक पोस्ट से हमने जाना कि वायरल वीडियो साल 2021 से ही इंटरनेट पर मौजूद है। इसलिए उक्त वीडियो की सटीक जानकारी तथा पुष्टि के लिए हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो से संबंधित जनसत्ता की वेबसाइट पर एक लेख मिला जिसे जुलाई 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था।

प्राप्त लेख के माध्यम से हमने जाना कि वायरल वीडियो के साथ शेयर हो रहा यह है दावा पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह द्वारा भी जुलाई 06, 2021 को ट्विटर के एक पोस्ट में शेयर किया गया था। गौरतलब है कि वीडियो में दिख रही महिला कांस्टेबल का नाम वैशाली है जिसने कथित तौर पर अपने थाना अध्यक्ष के टॉर्चर से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया था। बता दें कि यह मामला साल 2021 के दौरान का है।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2021 के दौरान का है। इस वीडियो का हालिया दिनों से कोई संबंध नहीं है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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