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फैक्ट चेक: क्या दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत के बाद महंगा हुआ मेट्रो का किराया? जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: क्या दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत के बाद महंगा हुआ मेट्रो का किराया? जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि देश की राजधानी दिल्ली में भाजपा सरकार का गठन होते ही मेट्रो ट्रेन का किराया बढ़ गया है। फेसबुक पर वायरल पोस्ट शेयर कर हिंदी भाषा में लिखा गया है “बीजेपी की सरकार बनते ही भाजपा ने दिया दिल्ली वासियों को तोहफा,दिल्ली – मेट्रो का किराया 50% बढ़ा”  

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि दिल्ली में मेट्रो का किराया बढ़ने की खबर गलत है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर पोस्ट से संबंधित कीवर्ड्स के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें गूगल पर दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ाए जाने को लेकर कोई खबर नहीं मिली।

इसके बाद बारीकी से खोजने पर हमें वायरल पोस्ट के संबंध पर टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट पर फरवरी 13, 2025 को प्रकाशित एक लेख मिला। यहाँ जानकारी दी गयी है कि दिल्ली में भाजपा सरकार का गठन होने के बाद दिल्ली मेट्रो का कोई भी किराया नहीं बढ़ाया गया।

इसके बाद पुष्टि के लिए और खोजने पर हमें दिल्ली मेट्रो (DMRC) का ट्वीट भी मिला, जिसे फरवरी 12, 2025 को अपलोड किया गया था। यहाँ जानकारी दी गयी है कि, ‘सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि दिल्ली मेट्रो के किराए में बदलाव किया गया है। दिल्ली मेट्रो के किराए में संशोधन केवल एक स्वतंत्र फेयर फिक्सेशन कमेटी (Fare Fixation Committee) द्वारा किया जा सकता है, जिसे सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है। वर्तमान में किसी भी किराया निर्धारण समिति के गठन का कोई प्रस्ताव नहीं है।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल पोस्ट फर्जी है। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार  का गठन होने के बाद दिल्ली मेट्रो का कोई भी किराया नहीं बढ़ाया गया है। 

 

 

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
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