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‘क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर स्पष्ट नीति के लिए वैश्विक प्रयासों ने भारत की अध्यक्षता के दौरान पकड़ी गति’, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

‘क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर स्पष्ट नीति के लिए वैश्विक प्रयासों ने भारत की अध्यक्षता के दौरान पकड़ी गति’, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

 

भारत के लिए बड़ा दिन है। आज यानी शनिवार को 18वां जी20 शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में हो रहा है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रिप्टो परिसंपत्तियों पर बात करते हुए कहा कि  स्पष्ट नीति के लिए वैश्विक प्रयासों ने भारत की अध्यक्षता के दौरान गति पकड़ी है और इस पर वैश्विक सहमति भी बन रही है। एफएसबी क्रिप्टो परिसंपत्तियों के लिए विश्व स्तर पर समन्वित दृष्टिकोण के लिए नियामक ढांचे की रूपरेखा भी निर्धारित कर रहा है…इसलिए भारत द्वारा जी-20 की अध्यक्षता के दौरान आईएमएफ और एफएसबी के सहयोग से इन रूपरेखाओं को निर्धारित किया जा रहा है।

 

 

बहुपक्षीय विकास बैंक(MDB) के पूंजी पर्याप्तता ढांचे पर एक स्वतंत्र पैनल की सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए जी-20 रोडमैप का समर्थन किया गया। पूंजी पर्याप्तता फ्रेमवर्क (सीएएफ) की सिफारिशें MDB को मौजूदा संसाधनों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने में सक्षम बनाने पर केंद्रित हैं… रोडमैप का अनुमान है कि सीएएफ और इसके उपायों के कार्यान्वयन से संभावित रूप से अगले दशक में लगभग 200 बिलियन अमरीकी डालर की अतिरिक्त ऋण देने की गुंजाइश पैदा होगी।

 

 

उन्होंने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को जी20 वित्तीय समावेशन कार्य योजना में भी एकीकृत किया गया है, जो 2024 और 2026 के बीच चलेगा।

उन्होंने कहा की बेहतर, बड़े और अधिक प्रभावी बहुपक्षीय विकास बैंक(MDB) की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की गई। बेहतर बड़े और अधिक प्रभावी एमडीबी का होना आवश्यक है क्योंकि दुनिया भर से विकासात्मक मांगें बहुत बढ़ रही हैं, इसलिए इन संस्थानों को बेहतर और बड़ा बनाना होगा।  

उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय विकास बैंक(MDB) को मजबूत करने पर जी-20 स्वतंत्र विशेषज्ञ समूह की स्थापना की गई थी और इसने अपना खंड-1 प्रस्तुत किया है। उनकी रिपोर्ट में 2 खंड हैं, पहला खंड पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है। रिपोर्ट एक ट्रिपल एजेंडे की सिफारिश करती है जो बेहतर, बड़े और अधिक प्रभावी MDBs के आह्वान के साथ मेल खाता है…एमडीबी को मजबूत करने का तीसरा बिंदु विश्व बैंक की वित्तपोषण क्षमता को बढ़ाने की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने पर समझौता है।

 

गौरतलब है कि इस वर्ष के G20 शिखर सम्मेलन का विषय, “वसुधैव कुटुंबकम” या “एक पृथ्वी – एक परिवार – एक भविष्य” है, जो महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है।

 

अबतक की पूरी अपडेट: 

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम फुमियो किशिदा ने द्विपक्षीय बैठक की।
  • पीएम मोदी और यूके के पीएम ऋषि सुनक के बीच द्विपक्षीय बैठक चल रही है।
  • फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन भारत मंडपम पहुंचे। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति 10 सितंबर को पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
  • शनिवार को जी20 शिखर सम्मेलन में विश्व के शीर्ष नेताओं का स्वागत करने के बाद, पीएम मोदी ने “वैश्विक विश्वास की कमी” को विश्वास के रिश्ते में बदलने का आह्वान किया।
  • पीएम मोदी ने कहा कि भारत की जी20 की अध्यक्षता देश के अंदर और बाहर दोनों जगह समावेशन का प्रतीक बन गई है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड के बाद की दुनिया विश्वास की कमी से जूझ रही है और (यूक्रेन) युद्ध ने इसे और गहरा कर दिया है, उन्होंने कहा कि हमें वैश्विक भलाई के लिए एक साथ चलने की जरूरत है। “जी20 अध्यक्ष के रूप में, भारत दुनिया से इस वैश्विक विश्वास की कमी को एक-दूसरे पर विश्वास में बदलने की अपील करता है। यह एक साथ चलने का समय है।”
  • प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर अफ्रीकी संघ ने औपचारिक रूप से G20 के नए सदस्य के रूप में अपनी सीट ग्रहण की।

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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