जम्मू कश्मीर की राजनीति से जुड़े ये हैं पांच बड़े नाम जिनके नतीजों पर टिकी रहेंगी सबकी निगाहें

जम्मू कश्मीर की राजनीति से जुड़े ये हैं पांच बड़े नाम जिनके नतीजों पर टिकी रहेंगी सबकी निगाहें
जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हुए हैं जिसका नतीजा कल यानी मंगलवार को आएगा। जम्मू कश्मीर की जनता की किस पार्टी को राज्य की सत्ता पर बैठती है इसका फैसला कल शाम तक हो जाएगा। लेकिन उससे पहले जम्मू कश्मीर की राजनीति से जुड़े वो बड़े नाम जिनके नतीजों पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, कौन हैं ये चेहरे और इनकी सीटों पर किनके बीच मुकाबला रहा है यह इस लेख में जानिए
घाटी में मुख्य तौर पर मुकाबला नेशनल कांफ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन और महबूबा मुफ्ती की पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच माना जा रहा है। हालांकि, इंजीनियर रशीद की आवामी इत्तेहाद पार्टी, सज्जाद गनी लोन की पीपल्स कांफ्रेंस और जमात ए इस्लामी समर्थक आजाद उम्मीदवार घाटी की कुछ सीटों पर एनसी-कांग्रेस और पीडीपी का खेल बिगाड़ सकते हैं। वहीं जम्मू में भारतीय जनता पार्टी की मुख्य लड़ाई कांग्रेस से है।
उमर अब्दुल्ला (सीट – गांदरबल, बड़गाम)
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके उमर अब्दुल्ला सेंट्रल बीते लोकसभा चुनाव में इंजीनियर राशिद के हाथों बारामुला में करारी शिकस्त मिलने के बाद उमर फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। बता दें कि उमर कश्मीर की दो सीटों – बड़गाम और गांदरबल से चुनाव लड़ रहे हैं। गांदरबल में उमर का मुकाबला शेख (राशिद की पार्टी के कैंडिडेट), सर्जन बरकाती (अलगाववादी नेता), बशीर अहमद मीर (पीडीपी) और साहिल फारूक (बागी नेता) से है. वहीं, बड़गाम में उमर को पीडीपी के सईद मुंतजीर मेहदी से चुनौती मिली है।
एजाज गुरुः (सीट- सोपोर)
जम्मू कश्मीर की सोपोर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार एजाज गुरु संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु के भाई हैं। एजाज पूर्ण राज्य का दर्जा मुद्दा बनाए हुए हैं। एजाज गुरु ने कहा है कि पहले देश है, फिर राज्य यानि जम्मू कश्मीर की बात आती है। उन्होंने अफजल गुरु की कब्र पर फातिहा पढ़ने के साथ ही बालासाहब ठाकरे और सरबजीत सिंह की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भी इजाजत मांगी है।
देवेंद्र सिंह राणा: (जम्मू जिले की सीट- नगरोटा)
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के भाई देवेंद्र सिंह राणा जम्मू जिले की नगरोटा सीट से चुनाव मैदान में हैं। देवेंद्र बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस का दिग्गज चेहरा रहे देवेंद्र पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के करीबियों में गिने जाते थे। 2021 में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था। व्यावसायी से राजनेता बने देवेंद्र 2008 और2014 में नगरोटा सीट से चुनाव जीत विधानसभा पहुंचे थे।
खुर्शीद अहमद शेखः (सीट-बारामूला)
बारामूला सीट से सांसद इंजीनियर राशिद के भाई खुर्शीद अहमद शेख लंगेट विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। लंगेट सीट के लिए अंतिम चरण में वोट डाले जा रहे हैं। शेख का मुकाबला पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता और कुपवाड़ा के मौजूदा डीडीसी अध्यक्ष इरफान पंडितपोरी से है।
रविंदर रैना (सीट – नौशेरा)
रविंदर रैना जम्मू कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष हैं। वह जम्मू से आते हैं, जहां बीजेपी बड़ा उलटफेर का इरादा रखती है। रैना राजौरी जिले की नौशेरा सीट से विधायकी का चुनाव लड़ रहे थे. उनका मुकाबला यहां पीडीपी के हक नवाज और नेशनल कांफ्रेंस के सुरिंदर कुमार चौधरी से था. रविदंर रैना की एक बेहद अलग पहचान है. वह जम्मू कश्मीर चुनाव में उन चुनिंदा उम्मीदवारों में से एक थे जिनकी संपत्ति न के बराबर है. रैना के शपथपत्र के मुताबिक उनके पास महज 1 हजार रुपये हैं. रैना का लंबे समय तक संघ से नाता रहा है.





