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किसानों का ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन का दूसरा दिन, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

नई दिल्ली: किसानों की केंद्रीय मंत्रियों के साथ सोमवार रात पांच घंटे से ज्यादा लंबी बैठक बेनतीजा रही. किसानों का दिल्ली चलो आंदोलन का आज दूसरा दिन है. पुलिस बैरिकेड के पास आ रहे आंदोलनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े.

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल भारी संख्या में तैनात हैं. देखा जाए तो कल सिंघु बॉर्डर पर जमकर बवाल हुआ था. देर रात तक प्रदर्शनकारी किसान बॉर्डर के आस-पास जाते रहे और पुलिस आंसू गैस के गोले दागती रही. पुलिस ने कल भी किसानों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे थे. किसानों के साथ पुलिस की झड़प भी हुई, इसमें एक डीएसपी सहित कई लोग ज़ख़्मी भी हुए थे.

 

आंदोलन के पहले दिन फेतहगढ़ साहेब से शंभू बॉर्डर पर जमा हुई किसानों की भीड़ पर पुलिस ने सख्ती दिखाते आंसू गैस के गोले दागे, जिसके बाद वहां अफरातफरी मच गई. बता दें कि किसानों की मुख्य मांग फसलों के अधिकतम समर्थन मूल्य पर कोई समाधान नहीं हो सका. किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘दिल्ली चलो’ विरोध मार्च के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाई गई.

 

किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च से पहले आज गाज़ीपुर बॉर्डर पर भारी ट्रैफिक जाम देखा गया.

 

फतेहगढ़ साहिब, किसान संगठनों के ‘दिल्ली चलो’ विरोध मार्च पर किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा, “… हमने कल की बैठक में एक समाधान खोजने की कोशिश की ताकि हम सरकार से टकराव से बचे और हमें कुछ मिले… हमने कल उनके सामने हरियाणा की स्थिति रखी…पंजाब और हरियाणा के लोगों पर अत्याचार हो रहा है… ऐसा लगता है कि ये दोनों राज्य अब भारत का हिस्सा नहीं हैं, इन्हें अंतर्राष्ट्रीय सीमा माना जा रहा है…”

 

महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा, “…कांग्रेस हमें कोई सपोर्ट नहीं करती है. हम कांग्रेस को भी उतना ही दोषी मानते हैं जितनी भाजपा दोषी है… हम किसी के पक्ष वाले लोग नहीं हैं. हम किसान और मजदूर की आवाज उठाने वाले लोग हैं.”

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