Hindi Newsportal

फैक्ट चेक: क्या ‘आई एम लेजेंड’ मूवी में दिखाई गयी है वैक्सीन की नाकामी से जॉम्बी बनते लोगों की कहानी? जानें सच

0 528

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसमे दावा किया जा रहा है कि हॉलीवुड सुपरस्टार विल स्मिथ (Will Smith) स्टारर फिल्म ‘आई एम लेजेंड’ में वैक्सीन की नाकामी से जॉम्बी बनते लोगों की कहानी दिखाई गई है।

फेसबुक पर एक यूज़र ने इस दावे को पोस्ट करे हुए लिखा – “मैं किसी को डराना नहीं चाहता लेकिन क्या किसी को आई एम लेजेंड फिल्म याद है? इसमें साल 2021 की कहानी दिखाई गई थी और वैक्सीन के नाकाम होने की वजह से लोग जॉम्बी बन रहे थे।”

 

फेसबुक पर ऐसे कई पोस्ट आप यहाँ, यहाँ, यहाँ, यहाँ, यहाँ और यहाँ देख सकते है।

फैक्ट चेक 

न्यूज़मोबाइल ने इस दावे कि जांच की और पाया कि पोस्ट में किया गया दावा गलत है.

ये भी पढ़े : फैक्ट चेक: क्या राजस्थान में अशोक गेहलोत सरकार ने दरगाहों के लिए दिए 100 करोड़ रुपए? जानें सच

सबसे पहले हमने इस मूवी के बारे में जानने की कोशिश की, कि ये मूवी किस पर आधारित है। साल 2007 में रिलीज फिल्म ‘आई एम लेजेंड’ एक साइंस फिक्शन फिल्म है यानी काल्पनिक है। इसमें एक ऐसी काल्पनिक महामारी का खौफनाक मंजर दिखाया गया है जिसमें एक वायरस की वजह से दुनिया के ज्यादातर लोग मर चुके हैं। फिल्म का हीरो रॉबर्ट नेविल एक वैज्ञानिक है जो पूरी फिल्म में रेडियो सिग्नल भेजकर दूसरे जिंदा लोगों से संपर्क करने और वायरस का तोड़ बनाने की कोशिश करता रहता है। फिल्म में रॉबर्ट का किरदार एक्टर विल स्मिथ ने निभाया है।

इस मूवी के प्लाट को भी देखे तो इसमें साफ़ लिखा है कि ये इस मूवी में वैक्सीन की नाकामी से लोग ज़ोंबी नहीं बन रहे थे बल्कि एक वायरस के घातक होने की वजह से बने थे।

उपन्यास ‘आई एम लेजेंड’ पर आधारित है मूवी।

इस पूरी जानकारी के दौरान गौर करने वाली बात ये है कि ये फिल्म रिचर्ड मैथेसन नामक लेखक के उपन्यास ‘आई एम लेजेंड’ पर आधारित है, जो 1954 में छपा था। इस उपन्यास में भविष्य की कल्पना करते हुए 1970 के दौर की कहानी सुनाई गयी थी।

आगे और जांच करने पर हमे रौटेन टोमैटोज़ की वेबसाइट पर इस मूवी का रिव्यु मिला। इस मूवी रिव्यु में भी लिखा था कि ये मूवी काल्पनिक है और इसमें एक वायरस में गड़बड़ी से लोग ज़ॉम्बी बनने लगते है, न कि वैक्सीन में गड़बड़ी से ज़ॉम्बी बनते है।

चर्चित फिल्म वेबसाइट ‘स्क्रीनरैंट’ में भी इस मूवी के प्लाट और मूवी कि कहानी को एक्सप्लेन किया गया है। इसमें भी इस बात का ज़िक्र है कि इस फिल्म में लोग इंसान के बनाए एक वायरस के असर से इंसानी मांस खाने वाले डार्कसीकर नाम के जीवों में बदल जाते हैं। इसीलिए ये दावा तो गलत है कि वैक्सीन की वजह से मूवी में ये महामारी फैली थी।

गौरतलब है कि आगे और जांच करने पर भी हमे किसी विश्वसनीय वेबसाइट में ऐसा नहीं लिखा मिला कि इस फिल्म में किसी वैक्सीन की नाकामी की वजह से लोग जॉम्बी बन गए थे।

मूवी का ट्रेलर में भी आप मूवी का प्लाट समझ सकते है।

बता दे इससे पहले ‘रॉयटर्स’ और ‘स्नोप्स’ भी सोशल मीडिया पर इस वायरल दावे को खारिज कर चुके है।

हाल ही में भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने भी खुद कोरोना वैक्सीन का दूसरा डोज़ लिया और लोगों को आश्वासित किया कि भारत में इस्तेमाल होनी वाली दोनों वैक्सीन सेफ है और इनके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं है। ये रिपोर्ट आप यहाँ देख सकते है।

आगे हमे WHO की वेबसाइट पर भी वैक्सीन को लेकर जानकारी मिली कि ‘किस तरह एक महामारी को ख़त्म करने में वैक्सीन लाभकारी साबित हुई है।’

इतनी जानकारी से हम दावा कर सकते है कि सोशल मीडिया पर वायरल दावा कि – “हॉलीवुड सुपरस्टार विल स्मिथ स्टारर फिल्म ‘आई एम लेजेंड’ में वैक्सीन की नाकामी से जॉम्बी बनते लोगों की कहानी दिखाई गई है” गलत है।