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फैक्ट चेक: कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे पीएम मोदी की तस्वीर को सोशल मीडिया पर एडिट कर किया गया वायरल

फैक्ट चेक: कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे पीएम मोदी की तस्वीर को सोशल मीडिया पर एडिट कर किया गया वायरल

 

सोशल मीडिया पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तेजी से तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में प्रधानमंत्री को एक कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही गौर किया जा सकता है कि पीएम मोदी के सामने रखे कंप्यूटर स्क्रीन पर ‘अडानी को JPC से बचाने के 10 तरीके….’ लिखा हुआ दिखाई दे रहा है।

इसी तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी अपने मित्र गौतम अडानी को JPC से बचाने का पूर्ण जोर प्रयास कर रहे हैं।  फेसबुक पर वायरल तस्वीर को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि ‘मित्र को बचाने के लिए हर जतन जारी है!

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल तस्वीर एडिटेड है।

बता दें कि संसद का बहुत सा काम सदनों की समितियों द्वारा निपटाया जाता है, जिन्हें संसदीय समितियां कहते हैं। संसदीय समितियां दो प्रकार की होती हैं- स्थायी समितियां और तदर्थ समितियां। ऐसी ही एक समिति है JPC यानी (संयुक्त संसदीय समिति)।

जेपीसी संसद की एक ऐसी समिति है, जिसमें सभी पार्टियों की भागीदारी बराबर की होती है। जेपीसी को यह अधिकार है कि वह किसी भी व्यक्ति, संस्था या किसी भी उस पक्ष को बुला सकती है और उससे पूछताछ कर सकती है, जिसको लेकर उसका गठन हुआ है। अगर वह व्यक्ति, संस्था या पक्ष जेपीसी के समक्ष पेश नहीं होता है तो यह संसद की अवमानना माना जाएगा। इसके बाद जेपीसी संबंधित व्यक्ति या संस्था से इस बाबत लिखित या मौखिक जवाब या फिर दोनों मांग सकती है।

इसी को लेकर सोशल मीडिया पर यह तस्वीर वायरल हो रही। वायरल तस्वीर को देखने पर हमें इसके एडिटेड होने की आशंका हुई। जिसके बाद हमने अपनी पड़ताल शुरू की। पड़ताल के दौरान हमने सबसे पहले वायरल तस्वीर को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल के माध्यम से सर्च किया। जिसके बाद हमें वायरल इमेज से हूबहू मेल खाती एक तस्वीर  The Wire की वेबसाइट पर मिली। जिसे अप्रैल 06, 2018 को अपलोड किया गया था।

वेबसाइट पर इस तस्वीर को प्रतीकात्मक रूप से इतेमाल किया गया था। इस वेबसाइट पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अब यूट्यूब जैसे प्लेटफार्मों सहित समाचार पोर्टलों और मीडिया वेबसाइटों के कामकाज के नियम को लेकर किए गए समिति के गठन की जानकारी देते हुए एक खबर की गयी है। जिसके प्रतीकात्मक रूप में पीएम मोदी की तस्वीर इस्तेमाल की गयी है।

इसके बाद पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें वायरल तस्वीर नरेंद्र मोदी की अधिकारी वेबसाइट पर फरवरी 19, 2014 को प्रकाशित एक लेख में मिली। वेबसाइट पर वायरल तस्वीर को NAMO Number मिशन के अभियान में इस्तेमाल किया गया था। जिसमें खुद पीएम मोदी ने भी भाग लिया था।


पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल तस्वीर एडिटेड और पुरानी है। पीएम मोदी की कंप्यूटर स्क्रीन को वायरल तस्वीर में एडिट किया गया है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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