Hindi Newsportal

केंद्र ने यौन उत्पीड़न के आरोपों पर WFI से 72 घंटे के भीतर मांगा जवाब

0 186

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुछ रेसलर पहलवानों रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) अध्यक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है. पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. ऐसे में आज केंद्रीय खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) से स्पष्टीकरण मांगा है और उसे ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं सहित पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों पर अगले 72 घंटों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया.

केंद्रीय खेल मंत्रालय ने इसका संज्ञान लिया है और भारतीय कुश्ती महासंघ (Wrestling Federation of India) से 72 घंटों के भीतर जवाब मांगा है. मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, ‘दिल्ली में ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं सहित अन्य पहलवानों द्वारा किए गए विरोध और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का संज्ञान लेते हुए, जिसमें पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कोचों पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं और महासंघ के कामकाज में कुप्रबंधन का हवाला दिया है, खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई से स्पष्टीकरण मांगा है और उसे रेसलर्स की ओर से लगाए गए आरोपों पर अगले 72 घंटों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है.’ बता दें कि बृजभूषण शरण सिंह यूपी के कैसरगंज सीट से बीजेपी के सांसद हैं.

 

भारतीय पहलवान व ओलंपियन विनेश फोगट ने कहा कि महिला पहलवान को कई तरह की परेशानी होती है, कुश्ती के अध्यक्ष द्वारा महिला खिलाड़ियों का शोषण किया गया. फेडरेशन खिलाड़ियों पर जबरदस्ती बैन लगाती है जिससे खिलाड़ी न खेल सके. किसी भी खिलाड़ी को कुछ होता है तो उसके ज़िम्मेदार कुश्ती संघ के अध्यक्ष होंगे.

 

इसके साथ ही प्रदर्शन में शामिल रेसलर पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि खिलाड़ी अब तानाशाही नहीं सहेंगे. कई दिनों से खिलाड़ियों को दबाया जा रहा था. हम 3-4 बजे प्रेस वार्ता कर हमारी बात रखेंगे. हमारी लड़ाई सरकार से नहीं है बल्कि फेडरेशन से है. बजरंग पुनिया ने कहा कि हम चाहते हैं कि फेडरेशन का बदलाव हो और रेस्लिंग को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा पहलवानों को परेशान किया जा रहा है. जो लोग WFI का हिस्सा हैं, उन्हें इस खेल के बारे में कुछ नहीं पता है.