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अमेठी, वायनाड में हारेंगे राहुल, अगला चुनाव पड़ोसी देश से लड़ना होगा: पीयूष गोयल

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अगले चुनावों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पड़ोसी देश में एक सीट तलाशनी होगी क्योंकि उन्हें निश्चित रूप से अमेठी और वायनाड दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ेगा.

गोयल ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें अगले चुनाव के लिए पड़ोसी देश में सीट तलाशनी होगी क्योंकि अमेठी में स्मृति ईरानी राहुल गांधी को हराएंगी और वायनाड में भी राहुल हारने वाले हैं.

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी वामदलों के खिलाफ बोलने का साहस नहीं करते, भले ही वे वायनाड में सीपीआई के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गोयल ने कहा कि उन्होंने सीताराम येचुरी के साथ राहुल गांधी की कई तस्वीरें देखी हैं. राहुल को वायनाड की ओर इसलिए भागना पड़ा क्योंकि उन्हें एहसास हो चुका था कि वे अमेठी में स्मृति ईरानी के खिलाफ खड़े होकर चुनाव नहीं जीत सकते.

आगे कटाक्ष करते हुए गोयल ने कहा कि राहुल वायनाड में वाम दलों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि वह उनकी आलोचना नहीं करेंगे, इससे उनका डर स्पष्ट हो जाता है.

उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में, अगर किसी नेता में अपने विरोधियों के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं है, तो वह देश की सेवा करने में सक्षम नहीं होगा.
इस महीने की शुरुआत में वायनाड से अपना नामांकन दाखिल करने के बाद, गांधी ने कहा था कि वह अपने पूरे चुनाव अभियान में सीपीएम के खिलाफ एक शब्द नहीं कहेंगे. उन्होंने संवाददाताओं से कहा था, “मैं यहां एकता का संदेश देने के लिए हूं”.

लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने वायनाड में गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए सीपीआई प्रमुख पीपी सुनीर को मैदान में उतारा है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए गोयल ने कहा, “मुझे लगता है कि पृथ्वीराज चव्हाण को कांग्रेस के शर्मनाक कृत्य के लिए खेद जताना चाहिए हिंदू समुदाय को ‘आतंक’ करार देने से पूरे समुदाय को बदनाम किया गया.”

बता दें कि पृथ्वीराज चव्हाण ने बयान दिया था कि प्रधानमंत्री को भोपाल सीट के लिए प्रज्ञा ठाकुर को नामित करने के लिए न केवल माफी मांगनी चाहिए, बल्कि आगामी लोकसभा चुनावों से अपनी उम्मीदवारी भी वापस लेनी चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणी कि मायावती और अखिलेश यादव की ‘नकली दोस्ती’ 23 मई को चुनाव परिणाम सामने आते ही समाप्त हो जाएगी, का समर्थन करते हुए गोयल ने कहा कि सपा-बसपा के नेता मंच पर एकता का दिखावा करते हैं, लेकिन अंदरूनी चीजें अलग हैं.

गोयल ने मायावती-अखिलेश की ‘नकली दोस्ती’ पर कटाक्ष करते हुए कहा,“मैं आपको पिछले छह महीनों की कम से कम सौ तस्वीरें दिखा सकता हूं जब कभी-कभी वे एक दूसरे को गले लगाते हैं, कभी-कभी वे एक-दूसरे को गाली देते हैं. कभी-कभी उन्हें हाथ पकड़े मंच पर देखा जाता है, लेकिन जब वे नीचे उतरते हैं, तो वे अपनी राय बदल देते हैं.”

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बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा जेल में बंद लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा को लेकर लगाये गए आरोपों को खारिज करते हुए गोयल ने कहा कि आरोप लगाने पर कोई जीएसटी नहीं लगाया गया है इसलिए कोई कुछ भी बोलता है.

राबड़ी देवी द्वारा लगाये आरोपों के उत्तर में उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद कानूनी कार्यवाही के कारण जेल में हैं. उन पर चारा घोटाले का आरोप है और उन्हें देश के लोगों को जवाब देना चाहिए. उन्हें भाजपा सरकार ने नहीं कानून ने जेल में डाला है.

अपनी पार्टी पर भारी अंतर के साथ सत्ता में वापस आने का विश्वास व्यक्त करते हुए गोयल ने कहा कि 2014 में, गुजरात के मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पार्टी उनके साथ खड़ी थी. अब जनता चाहती है कि वह फिर से प्रधानमंत्री बने, जनता में उत्साह का स्तर दर्शाता है कि इस बार भाजपा और भी अधिक वोटों के अंतर से जीतेगी.