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साध्वी प्रज्ञा पर चुनाव आयोग की कार्रवाई, बैन के दौरान मंदिर जाने पर मिला नोटिस

मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर फिर एक बार चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें नोटिस सौंपा है.

चुनाव प्रचार पर बैन लगने के बाद प्रज्ञा ठाकुर मंदिर में दर्शन के लिए जा रही थीं, जिसे लेकर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस सौंपा है.

बीते बुधवार को चुनाव आयोग ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर उनके चुनाव प्रचार पर 72 घंटों का प्रतिबंध लगा दिया था. उन पर आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे के खिलाफ और बाबरी मस्जिद के विध्वंस पर की गयी टिप्पणियों के लिए प्रतिबंध लगाया गया था.

प्रतिबंध गुरुवार को सुबह 6 बजे से लागू हुआ, जिसके बाद जिसके बाद साध्वी प्रज्ञा ने किसी किस्म का चुनाव प्रचार तो नहीं किया, लेकिन वो मंदिर दर्शन के साथ भजन-कीर्तन करती नजर आईं. उन्होंने कई मंदिरों में जाकर दर्शन किए, जिस दौरान उनके पार्टी कार्यकर्ता भी उनके साथ मौजूद थे.

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प्रज्ञा ठाकुर के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर और गौशाला जाने को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की थी, जिसके बाद प्रज्ञा ठाकुर को नोटिस भेज जवाब मांगा गया है.

मालेगांव विस्फोट की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर पर चुनाव आयोग ने तब 72 घंटों का बन लगाया, जब उन्होंने 21 अप्रैल को कहा था कि उन्हें यह स्वीकार करने में ‘गर्व’ है कि वह अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस में शामिल थी.

उन्होंने यह भी कहा कि 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में आतंकवादी हमले में मारे गए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे की मृत्यु इसलिए हुई क्योंकि प्रज्ञा ठाकुर ने उन्हें श्राप दिया था.

भोपाल में 12 मई को मतदान होगा और सभी 543 लोकसभा सीटों के लिए परिणाम 23 मई को घोषित किए जाएंगे.

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