लोकसभा चुनावों में इंदौर की जनता ने बनाए यह नए रिकॉर्ड, पढ़ें

लोकसभा चुनावों में इंदौर की जनता ने बनाए यह नए रिकॉर्ड, पढ़ें
लोकसभा चुनावों के दौरान मध्यप्रदेश से चौका देने वाले नतीजे सामने आए हैं। यहाँ भारतीय जनता पार्टी का परचम लहराया है। इस बार के लोकसभा चुनावों में मध्यप्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को सबसे बड़ा जनादेश दिया है। मध्य प्रदेश में कुल 29 लोकसभा सीटें हैं जिसमें 29 की 29 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज कर रिकॉर्ड कायम किया।
वहीं वोटिंग वाले दिन मध्य प्रदेश के इंदौर में तकरीबन तीन रिकॉर्ड कायम हुए। इंदौर, मतदाताओं की तादाद के लिहाज से सूबे में सबसे बड़ा लोकसभा क्षेत्र है, इस सीट पर मुख्य चुनावी भिड़ंत भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच होती रही है, लेकिन इस बार सियासी समीकरण एकदम बदले हुए थे।
कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी अक्षय कांति बम पार्टी को तगड़ा झटका देते हुए नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 29 अप्रैल को अपना पर्चा वापस लेकर तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। नतीजतन इस सीट के 72 साल के इतिहास में कांग्रेस पहली बार चुनावी दौड़ से बाहर हो गई। इसके बाद कांग्रेस ने स्थानीय मतदाताओं से अपील की कि वे ईवीएम पर ‘नोटा’ का बटन दबाकर भाजपा को सबक सिखाएं।
जिसके बाद इंदौर के मतदाताओं ने तीन रिकॉर्ड कायम किए-
दो लाख से अधिक वोट NOTA में पड़ा
इंदौर में 13 मई को हुए मतदान में कुल 25.27 लाख मतदाताओं में से 61.75 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला था और इनमें से 13,43,294 मत वैध पाए गए। और इनमें से 13,43,294 मत वैध पाए गए. यानी कुल वैध मतों का 16.28 फीसद हिस्सा ‘नोटा’ के खाते में गया। इंदौर में ‘नोटा’ में कुल 2,18,674 वोट डाले गए। इसके मुताबिक इंदौर में NOTA में डाले गए वोटों का बिहार के गोपालगंज का पिछला रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए खुद नया रिकॉर्ड कायम किया था।
गौरतलब है कि साल के 2019 के लोकसभा चुनाव में ‘नोटा’ को बिहार की गोपालगंज सीट पर सर्वाधिक वोट मिले थे। वहां 51,660 मतदाताओं ने ‘नोटा’ का विकल्प चुना था और ‘नोटा’ को कुल मतों में से करीब पांच प्रतिशत वोट मिले थे।





