भारतराजनीति

राजनाथ का कांग्रेस पर वार, कहा,” बीजेपी बनाएगी राजद्रोह कानून को और भी सख्त”

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र में उल्लिखित देशद्रोह कानून पर उनके रुख के लिए कांग्रेस को आड़े हाटों लिया. उन्होंने कहा कि भाजपा फिर एक बार सत्ता में आती है तो इस कानून को और भी सख्त किया जाएगा।

गुजरात में कच्छ जिले के गांधीधाम शहर में जनसभा को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि अगर कोई भारत को तोड़ने की कोशिश करता है, तो उन्हें माफ नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस पर आरोप लगते उन्होंने सवाल उठाया कि राजद्रोह कानून भंग करने का वादा कर कांग्रेस किसे संकेत दे रही है.

सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर इस क्षेत्र के लिए अलग प्रधानमंत्री की मांग को लेकर भी हमला किया.

इससे पहले 3 अप्रैल को, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कांग्रेस पर कानून भंग करने के वादे को लेकर निशाना साधा था.

एक चुनावी रैली में योगी ने कहा था: “यह शर्मनाक है कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में राजद्रोह के प्रावधान को भंग करने का वादा किया है, जिसका उपयोग पार्टी के सत्ता में आने पर आतंकवादियों और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों द्वारा किया जाएगा.”

साथ ही उन्होंने कश्मीर संकट के लिए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी जिम्मेदार ठहराया.

ALSO READ: सुप्रीम कोर्ट ने सभी पार्टियों को दिया चंदा घोषित करने का आदेश

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में राजद्रोह कानून को हटाने का वादा किया है ताकि देश में “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” सुनिश्चित की जा सके.

भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए के तहत देशद्रोह के प्रावधान का उल्लेख है ,जिसके अनुसार “जो कोई भी, शब्दों द्वारा, या लिखित, या संकेतों द्वारा या दृश्यों द्वारा, या अन्यथा, घृणा या अवमानना, फैलाता है या प्रयास करता है, या कानून द्वारा स्थापित सरकार के प्रति अप्रभाव को उत्तेजित करने का प्रयास करता है तो उसे आजीवन कारावास के साथ दंडित किया जा सकता है, जिसमें जुर्माना जोड़ा जा सकता है, या कारावास के साथ जो तीन साल तक बढ़ सकता है, उसमें जुर्माना जोड़ा जा सकता है, या जुर्माना हो सकता है.”

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button