बजट 2025-26: मोदी सरकार ने महिलाओं, किसानों, MSMEs, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किए बड़े ऐलान

बजट 2025-26: मोदी सरकार ने महिलाओं, किसानों, MSMEs, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किए बड़े ऐलान
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष ऋण योजना
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 में महिलाओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार पांच लाख महिला उद्यमियों के लिए ₹2 करोड़ तक के ऋण की व्यवस्था करेगी। इसके साथ ही, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए भी इसी तरह की ऋण योजना शुरू की जाएगी। यह योजना महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए सक्षम बनाएगी और उनके व्यावसायिक विकास के अवसरों को बढ़ाएगी। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
MSMEs के लिए ऋण गारंटी कवर और विनिर्माण मिशन
वित्त मंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए भी कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि MSMEs के लिए ऋण गारंटी कवर ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹20 करोड़ तक किया जाएगा, साथ ही गारंटी शुल्क को घटाकर 1% किया जाएगा। इसके साथ ही, MSMEs के लिए एक विशेष विनिर्माण मिशन शुरू किया जाएगा, जिससे भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों का दायरा बढ़ेगा। यह कदम MSMEs के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देगा और उन्हें भविष्य में आर्थिक मजबूती देगा।
₹1.5 लाख करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण: बुनियादी ढांचे का विकास
केंद्रीय बजट 2025 में वित्त मंत्री ने राज्यों के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹1.5 लाख करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करने की घोषणा की। यह ऋण राज्यों को अगले 50 वर्षों के लिए मिलेगा, जिससे राज्यों में सड़क, रेल, जल आपूर्ति और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी आएगी। इसके अलावा, सरकार अगले 5 वर्षों में ₹10 लाख करोड़ की परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना शुरू करने जा रही है, जिससे बड़ी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाई जा सकेगी।
जल जीवन मिशन के लिए बजट में बढ़ोतरी
वित्त मंत्री ने जल जीवन मिशन के लिए बजट में वृद्धि करने का ऐलान किया। इस मिशन के तहत, हर घर को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सरकार ने 100% जल कवर करने के लिए और अधिक वित्तीय सहायता देने की घोषणा की, जिससे ग्रामीण इलाकों में जल संकट पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और जल जीवन में सुधार होगा।
शिक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी
वित्त मंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़े कदम उठाए। AI के लिए उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना करने के लिए ₹500 करोड़ का आवंटन किया गया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। इसके अलावा, मेडिकल क्षेत्र में भी बड़ी घोषणाएं की गईं। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में 75,000 नई सीटें बनाई जाएंगी, जिससे अधिक छात्रों को मेडिकल शिक्षा प्राप्त होगी और देश में डॉक्टरों की कमी को दूर किया जाएगा।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा ₹5 लाख तक बढ़ी
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत किसानों को अब ₹5 लाख तक का ऋण मिलेगा, जो पहले ₹3 लाख था। इससे किसानों को कृषि कार्यों के लिए अधिक वित्तीय मदद मिलेगी, और वे अपनी फसलों और अन्य कृषि उत्पादों के लिए आवश्यक संसाधनों का समय पर उपयोग कर सकेंगे। साथ ही, मछुआरों और डेयरी किसानों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
बिहार में मखाना बोर्ड और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा
वित्त मंत्री ने बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की, जिससे मखाना उत्पादक किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। मखाना बोर्ड का गठन बिहार के किसानों को मखाना की खेती और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने में मदद करेगा। इस पहल से मखाना के उत्पादन में वृद्धि होगी, और साथ ही, मखाना उत्पादकों के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही, बिहार में एक राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना भी की जाएगी, जो खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से संबंधित 36 जीवन रक्षक दवाइयों को टैक्स फ्री कर दिया जाएगा। इन दवाओं पर कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा, जिससे इन दवाओं की कीमत कम होगी और मरीजों को सस्ती दवाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा, अगले तीन वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डेकेयर कैंसर सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिससे कैंसर के मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
मध्यम वर्ग को टैक्स में बड़ी राहत: ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं
वित्त मंत्री ने मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत दी है। उन्होंने घोषणा की कि अब ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। यह कदम मध्यम वर्ग की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए अहम साबित होगा और उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिक पूंजी मिलेगी।
नई टैक्स व्यवस्था: संसद में विधेयक पेश होगा
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि अगले सप्ताह संसद में नए टैक्स कानून का विधेयक पेश किया जाएगा। इस नए टैक्स सिस्टम के तहत, मध्यम वर्ग को टैक्स में और राहत दी जाएगी और कृषि क्षेत्र के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे। इसके अलावा, सरकार जनविश्वास 2.0 के तहत 100 पुराने कानूनों को खत्म करेगी, जिससे व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार: IITs का इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ेगा
वित्त मंत्री ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद स्थापित पांच IITs के बुनियादी ढांचे में निवेश किया जाएगा, जिससे 6,500 और छात्रों को एडमिशन मिलने की संभावना बढ़ेगी। इसके अलावा, IIT पटना के शैक्षिक और शोध कार्यों को भी विस्तार मिलेगा, जिससे छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।
12 नए उड़ान मार्गों की शुरुआत और विकास
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अगले पांच वर्षों में 120 नए डेस्टिनेशंस जोड़े जाएंगे, जिससे 4 करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को हवाई यात्रा का लाभ मिलेगा। यह कदम पर्यटन और परिवहन क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
विमानन क्षेत्र में बेमिसाल घोषणाएं
विमानन क्षेत्र में वित्त मंत्री ने कई अहम घोषणाएं की हैं, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र के विकास में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना (UDAAN Scheme) में संशोधन किया जाएगा, जिससे यह योजना अब देश के क्षेत्रीय इलाकों तक पहुंचाई जाएगी। इस योजना के तहत 120 नए शहरों को जोड़ा जाएगा, जिससे अगले 10 वर्षों में लगभग 4 करोड़ अतिरिक्त लोगों को हवाई यात्रा का लाभ मिलेगा।
विमानन क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए, वित्त मंत्री ने बिहार में 3 नए एयरपोर्टों के निर्माण की घोषणा की। ये तीन एयरपोर्ट ग्रीनफिल्ड होंगे और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इसके अलावा, पटना एयरपोर्ट का विस्तार भी किया जाएगा, क्योंकि वहां यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह कदम बिहार के विमानन क्षेत्र के विकास को और गति देगा और भविष्य में यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगा।
मध्यम वर्ग और स्व-रोजगारियों के लिए उम्मीदें
इस बजट के दौरान यह सवाल उभर कर आया कि क्या मध्यम वर्ग के टैक्सपेयर और छोटे बिजनेसमैन को राहत मिलेगी। मिडिल क्लास को टैक्स के बोझ में राहत देने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्व-रोजगार में लगे और छोटे उद्योगों से जुड़े लोगों को भी अपने लिए कुछ राहत की उम्मीद थी। वित्त मंत्री ने इस बारे में कुछ संकेत दिए, कि वह इन वर्गों को राहत देने की दिशा में कदम उठाएंगे, लेकिन राजकोषीय घाटे को संभालने की चुनौती उनके सामने रहेगी।
नए टैक्स प्रावधान और रियायतें
वित्त मंत्री ने LRS (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम) पर टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) की सीमा बढ़ाकर ₹7 लाख से ₹10 लाख कर दी है। इसके साथ ही, TDS और TCS की रेट्स को रैशनलाइज किया जाएगा, यानी उनकी संख्या घटाई जाएगी। इसके अलावा, TCS जमा करने में देर को गैर-आपराधिक माना जाएगा। यह कदम लोगों को टैक्स व्यवस्था में और अधिक पारदर्शिता और सहूलियत प्रदान करेगा।
“मेक इन इंडिया” के तहत एक नई शुरुआत
वित्त मंत्री ने मेक इन इंडिया को और अधिक मजबूत करने के लिए एक राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन शुरू करने की घोषणा की। इस मिशन के तहत छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों को नीतिगत समर्थन और बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। यह पहल भारतीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए सशक्त बनाएगी। इसके अलावा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए परिभाषा में बदलाव किया गया है, जिससे उनके लिए निवेश और कारोबार की सीमा बढ़ा दी गई है।
कृषि, MSME, निवेश और निर्यात के लिए रणनीति
वित्त मंत्री ने कहा कि विकास की यात्रा के लिए सरकार के चार मुख्य इंजन हैं – कृषि, MSME, निवेश और निर्यात। इन चारों क्षेत्र में सुधार लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। कृषि क्षेत्र के लिए योजनाओं के तहत किसानों को और अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद है, जबकि MSMEs को विकास की दिशा में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के अवसर मिलेंगे।
केंद्रीय बजट 2025-26 में बिहार और देशभर के विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। खासकर विमानन क्षेत्र में विस्तार और MSMEs को मिलने वाली नई राहत योजनाएं, बिहारवासियों और छोटे उद्योगों के लिए सकारात्मक संकेत हैं। “मेक इन इंडिया” को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए गए हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, यह बजट विकास, रोजगार और समग्र आर्थिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।





