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फैक्ट चेक: दिल्ली में 46 लाख परिवारों को मिलने वाली इलेक्ट्रिक बिल की सब्सिडी पर नहीं लगी रोक, पुराना और अधूरा वीडियो हो रहा है वायरल

फैक्ट चेक: दिल्ली में 46 लाख परिवारों को मिलने वाली इलेक्ट्रिक बिल की सब्सिडी पर नहीं लगी रोक, पुराना और अधूरा वीडियो हो रहा है वायरल

सोशल मीडिया पर दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंत्री आतिशी दिल्ली की जनता को बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी को खत्म करने की बात कर रही हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर हालिया दिनों में शेयर कर दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में अब जो 46 लाख लोगों को जो बिजली सब्सिडी मिलती थी, वह अब नहीं मिलेगी।

फेसबुक पर वायरल वीडियो शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि ” लो जी लो उतर गया बुखार फ्री फ्री फ्री वाला…… अब तक जो फ्री वाला लॉलीपॉप दिया था अब वसूली शुरु होने वाली है कमर कस लो ….. इन हरामजादों को ये नही पता की जानता मूर्ख एक बार बनती बार बार नही …… सोच समझ के वोट करना”

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनो का नहीं साथ ही यह वीडियो आधा-अधूरा है।

वायरल वीडियो देखने पर हमें कुछ अधूरा लगा इसके लिए हमने पड़ताल की। जिसके बाद हमने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल की। वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने सबसे पहले कुछ संबंधित कीवर्ड्स से गूगल पर खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो से हूबहू मेल खाता एक वीडियो TV9 के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे अप्रैल 14, 2023 को अपलोड किया गया था।

हालांकि प्राप्त इस वीडियो में वायरल वीडियो वाला कुछ हिस्सा यहाँ देखने को नहीं मिला। लेकिन यहाँ भी दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी बिजली सब्सिडी नहीं मिलने की बात करते हुए नजर आरही है। वीडियो को देखने पर हमने पाया कि मंत्री आतिशी ने कहा कि किसानों, वकीलों और 1984 के दंगा पीड़ितों को मिलने वाली बिजली सब्सिडी नहीं अब नहीं मिलेगी। वीडियो में आगे मंत्री आतिशी कहती हैं कि आज से दिल्ली के लोगों को दी जाने वाली सब्सिडी वाली बिजली बंद कर दी जाएगी। यानी कल से सब्सिडी वाले बिल नहीं दिए जाएंगे। यह सब्सिडी बंद कर दी गई है क्योंकि आप सरकार ने आने वाले वर्ष के लिए सब्सिडी जारी रखने का निर्णय लिया है, लेकिन वह फाइल दिल्ली एलजी के पास है और जब तक फाइल वापस नहीं आती है, तब तक आप सरकार सब्सिडी वाला बिल जारी नहीं कर सकती है।  

वीडियो को पूरा सुनने पर हमने पाया कि आतिशी ने यह सब्सिडी बंद होने की बात इसलिए कही क्योंकि उनका दावा था कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने आने वाले वर्ष के लिए सब्सिडी जारी रखने का निर्णय लिया था, लेकिन वह फाइल दिल्ली एलजी के पास थी इसलिए जब तक वह फाइल वापस नहीं आती है, तब तक आप सरकार सब्सिडी वाला बिल जारी नहीं कर सकती है।  

इसी जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो Hindustan के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे अप्रैल 14, 2023 को अपलोड किया गया था।

 

11 मिनट के इस पूरे वीडियो को देखने पर हमने पाया कि मंत्री आतिशी यहाँ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली की जनता से यह बता रही थी कि दिल्ली की सरकार व दिल्ली कैबिनेट ने बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी का पैसा जारी कर दिया है, लेकिन वह दिल्ली की जनता को नहीं मिलेगा क्योंकि इस मामले की फाइल दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर के दफ्तर में इस फाइल को रख लिया गया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की सरकार के पास सब्सिडी देने के पैसे हैं लेकिन, वे कहती हैं कि जब तक यह फाइल एलजी के पास से वापस नहीं आती है,  तब तक आप सरकार बिजली सब्सिडी नहीं दे सकती। इस दौरान वे बिजली कंपनी की चिट्ठियां दिखाते हुए कहती हैं कि एलजी की तरफ से बिजली सब्सिडी की फाइल क्लियर न करने की वजह से बिजली कंपनियां आज से नॉर्मल बिलिंग शुरू कर देंगी और अब दिल्ली के 46 लाख परिवारों को सब्सिडी के बिना बिल भरना होगा।

पड़ताल के दौरान हमें ABP वेबसाइट पर इस मामले से संबंधित एक रिपोर्ट मिली जिसे अप्रैल 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। यहाँ जानकारी दी गयी है कि दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी के आरोपों के बाद एलजी ने बिजली सब्सिडी वाली फाइल पर हस्ताक्षर किये।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2023 के दौरान का है जिसे एडिट कर आधी-अधूरी जानकारी के साथ वर्तमान में शेयर किया जा रहा है।

 

 

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking

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