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पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव के लिए तीसरी बार वाराणसी से दाखिल किया नामांकन

वाराणसी: लोकसभा चुनाव के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नामांकन दाखिल करने के लिए वाराणसी पहुंचे. पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव के लिए तीसरी बार वाराणसी से दाखिल किया नामांकन. वाराणसी पहुंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले दशाश्वमेध घाट पर पूजा-अर्चना की. इसके बाद पीएम ने दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती की. बता दें कि पीएम इससे पहले साल 2014 और 2019 में वाराणसी से चुनाव जीत चुके हैं.

नामंकन दाखिल करने से पहले पीएम ने काशी में रोड़ शो किया जसके एवज में पीएम ने एक्स पर एक पोस्ट को साझा करते हुए लिखा, बाबा विश्वनाथ की नगरी की देवतुल्य जनता-जनार्दन का नमन और वंदन! आज मेरा रोम-रोम काशी के कण-कण का अभिनंदन कर रहा है. रोड शो में आप सबसे जो अपनत्व और आशीर्वाद मिला है, वो अकल्पनीय और अतुलनीय है. मैं अभिभूत और भावविभोर हूं! आपके स्नेह की छांव में 10 वर्ष कैसे बीत गए, पता ही नहीं चला. तब मैंने कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है. आज मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है.

प्रधानमंत्री मोदी के नामांकन के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, महाराष्‍ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा मौजूद रहे.

 

वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में 2014 में ऐतिहासिक टकराव हुआ था जब पीएम मोदी ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ा था. 3 लाख से अधिक वोटों के अंतर से मोदी की बड़ी जीत ने वाराणसी की स्थिति को भाजपा के गढ़ के रूप में मजबूत कर दिया, एक विरासत जिसे वह आगामी चुनावों में विस्तारित करना चाहते हैं.

 

वर्षों से, वाराणसी ने भाजपा और कांग्रेस के लिए युद्धक्षेत्र के रूप में काम किया है. कांग्रेस ने भी प्रभाव डाला है, 1957 से छह बार सीट जीती है, हालांकि 1991 से भाजपा को काफी सफलता मिली है, सात बार सीट जीती है. न तो समाजवादी पार्टी और न ही बहुजन समाज पार्टी कभी वाराणसी सीट जीत पाई है.

 

2014 में पीएम मोदी की शानदार जीत, उसके बाद 2019 में मजबूत जीत ने वाराणसी की स्थिति को भाजपा के गढ़ के रूप में मजबूत कर दिया. वाराणसी की जनसांख्यिकी से पता चलता है कि 75% लोग हिंदू हैं, 20% मुस्लिम हैं, और 5% अन्य धर्मों का पालन करते हैं. जनसंख्या का लगभग 10% अनुसूचित जनजातियाँ हैं, जबकि 7% अनुसूचित जातियाँ हैं. इसकी 55% आबादी शहरी क्षेत्रों में रहती है, और शेष 35% ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है.

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