क्या बिहार का सत्तरघाट ब्रिज उदघाटन के केवल एक महीने के बाद टूटा?- जानें सच

गुरुवार (16 जुलाई) को बिहार के गोपालगंज में 264 करोड़ की लागत से गंदक नदी पर बने सत्तरघाट ब्रिज के टूटने कि खबर सोशल मीडिया पर फ़ैल गयी। देश के बड़े से बड़े न्यूज़ चैनल ने भी इस खबर को अपने – अपने न्यूज़ चैनल पर चलाया।
अचरज वाली बात ये है कि ये खबर ट्विटर पर कुछ दिनों पहले ट्रेंड भी कर रही थी।
https://www.facebook.com/permalink.php?story_fbid=112633460524469&id=103138004807348
यहां तक कि बिहार में विपक्ष के RJD के नेता, तेजस्वी यादव ने भी इस वायरल पोस्ट को शेयर किया।
8 वर्ष में 263.47 करोड़ की लागत से निर्मित गोपालगंज के सत्तर घाट पुल का 16 जून को नीतीश जी ने उद्घाटन किया था आज 29 दिन बाद यह पुल ध्वस्त हो गया।
ख़बरदार!अगर किसी ने इसे नीतीश जी का भ्रष्टाचार कहा तो?263 करोड़ तो सुशासनी मुँह दिखाई है।इतने की तो इनके चूहे शराब पी जाते है pic.twitter.com/cnlqx96VVQ
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 15, 2020
वायरल पोस्ट में ये भी दावा किया जा रहा था कि बिहार के गोपालगंज में बने इस सत्तर घाट ब्रिज के निर्माण में लागत 264 करोड़ आई थी और ये उदघाटन के एक महीने के बाद ही टूट गया।
फैक्ट चेक –
न्यूज़ मोबाइल ने वायरल इस ब्रिज कि तस्वीर कि जांच की और पाया की ये पोस्ट फेक है।
इस पोस्ट की पड़ताल करते हुए हमे पता चला की ये ब्रिज की तस्वीर सत्तरघाट की नहीं बल्कि सत्तरघाट से मात्र 2 किलोमीटर दूर कसी और ब्रिज की है।
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सूचना और जनसंपर्क विभाग, बिहार ने इस मुद्दे पर स्पष्टता देते हुए बताया कि टूटे हुए ब्रिज की तस्वीर सत्तार घाट की नहीं हैं, बल्कि उसी नदी पर एक अन्य पुल की हैं, जो उस स्थान से 2 किमी दूर है।
मीडिया में सत्तर घाट पुल के क्षतिग्रस्त होने की झूठी खबर चल रही है। इस मामले में सही तथ्य निम्नवत है।@RCD_Bihar@amritlalmeena89 pic.twitter.com/XAvy5sVfOp
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) July 16, 2020
क्षतिग्रस्त पुल 18 मील लंबा है और यह गंदक नदी के बांध के नीचे बना है।
इस दावे को खारिज करते हुए पुल से गुजरने वाले कई ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने भी पुल कि तस्वीर साझा करते हुए बताया कि अब देख सकते है कि पुल पर कोई नुकसान नहीं हुआ है।
इसलिए, उपरोक्त जानकारी से, यह दावा कर सकते है कि पोस्ट भ्रामक और झूठी हैं।
यदि आप किसी भी स्टोरी को फैक्ट चेक करना चाहते हैं, तो इसे +91 88268 00707 पर व्हाट्सएप करें।






