ताज़ा खबरेंभारतमनोरंजन

अनुराग कश्यप ने डिलीट किया ट्विटर अकाउंट, परिवार को फ़ोन पर धमकियां मिलने को बताया कारण

फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप, जो अपनी राजनीतिक मान्यताओं और विचारों को व्यक्त करने में हमेशा से ही मुखर रहे हैं, ने शनिवार को अपने परिवार की चिंता का हवाला देते हुए अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर दिया.

कश्यप ने ट्विटर छोड़ने से पहले आखिरी ट्वीट में अपने पैरेंट्स को आने वाले अनजान फोन कॉल्स और बेटी को मिल रही धमकियों को वजह बताया, जिसके बाद उन्होंने अपना अकाउंट डिलीट कर दिया.

उन्होंने लिखा,”जब आपके माता-पिता को फोन आने लग जाएं और आपकी बेटी को ऑनलाइन धमकियां मिलने लगे तो फिर कोई भी बात नहीं करना चाहेगा. कोई वजह या कोई भी तर्क नहीं बचेगा. दबंगों का राज होगा और दबंगई जीने का नया तरीका. सबको नया भारत मुबारक हो और आप इसमें रह सकें.

ALSO READ: गुरुग्राम: मेघालय की नाबालिग के साथ बलात्कार, नौकरी का लालच देकर लाया गया था…

उन्होंने इसके बाद एक अन्य ट्वीट किया, जिसमे उन्होंने लिखा कि उन्हें अपने विचार रखने का हक ही नहीं है तो अब वो बोलेंगे ही नहीं. उन्होंने लिखा, आपको खुशियां और तरक्की मिले. ये मेरा आखिरी ट्वीट होगा क्योंकि मैं ट्विटर छोड़ रहा हूं. जब मैं बिना डर के बोल नहीं सकता तो मैं बोलूंगा ही नहीं. गुड बाय.”

anurag kashyap

इससे पहले अनुराग कश्यप ने एक स्क्रीनशॉट शेयर किया था। इसमें एक यूजर अनुराग की बेटी को रेप की धमकी दे रहा है.

बता दें कि अनुराग कश्यप उन 49 लोगों में से एक थे जिन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को खत लिखा था. इस खत में उन्होंने पीएम से अपील की थी कि वह मॉब लिंचिंग के खिलाफ कार्रवाई करें और इसके खिलाफ सख्त कानून बनाया जाए.

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले पर अनुराग कश्यप ने ट्वीट किया था. अनुराग ने ट्वीट में लिखा था, उन्हें सरकार के फैसले पर विरोध से कहीं ज्यादा फैसला लिए जाने के तरीके से डर लग रहा है.

अनुराग कश्यप नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स के दूसरे सीजन को डायरेक्ट कर रहे हैं

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button