संसदीय डेलिगेशन से यूसुफ पठान का नाम वापस, TMC ने बताया बड़ा कारण!

रविवार को तृणमूल कांग्रेस ने मोदी सरकार को जानकारी देते हुए बताया कि, यूसुफ पठान या कोई अन्य पार्टी सांसद पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाने के लिए विभिन्न देशों का दौरा करने वाले बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे.
टीएमसी ने कहा, “हमारा मानना है कि राष्ट्र सबसे ऊपर है और हमने अपने महान देश की रक्षा के लिए जो भी कार्रवाई आवश्यक है, उसे करने के लिए केंद्र सरकार को अपना समर्थन देने का वचन दिया है. हमारे सशस्त्र बलों ने हमारे देश को गौरवान्वित किया है और हम उनके प्रति हमेशा ऋणी रहेंगे. विदेश नीति पूरी तरह से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है. इसलिए, केंद्र सरकार ही हमारी विदेश नीति तय करे और इसकी पूरी जिम्मेदारी ले.”
टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, हम आपको यह साफ साफ कह दे रहे हैं कि हम आतंकवाद की लड़ाई में केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा लगाकर साथ खड़े हैं. विश्व के सामने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब किया जाना चाहिए, लेकिन मेरी पार्टी से कौन जाएगा और विपक्षी पार्टी से कौन जाएगा, यह पार्टी तय करेगी. यह भाजपा तय नहीं करेगी.
#WATCH | Kolkata, WB: On being asked if TMC has opted out of the Centre’s multi-party diplomatic mission aimed at countering Pakistan-sponsored terrorism, TMC National General Secretary and MP Abhishek Banerjee says, “I don’t know from where you got this information. I am saying… pic.twitter.com/LToXDrFj5B
— ANI (@ANI) May 19, 2025
बता दें कि मोदी सरकार ने प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करने के लिए जिन नेताओं का चयन किया है, उनमें सत्तारूढ़ दल भाजपा के रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और JDU के संजय झा शामिल हैं तथा विपक्षी दलों से कांग्रेस के शशि थरूर, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की कनिमोई, NCP (SP) की सुप्रिया सुले शामिल हैं.





