कौन हैं अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी, खामेनेई की हत्या के बाद ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर

तेहरान से बड़ी खबर सामने आई है। वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान का अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ISNA ने इस बारे में जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में खामेनेई की मौत हुई।
अंतरिम परिषद संभालेगी जिम्मेदारी
रिपोर्ट के मुताबिक, अयातुल्लाह अराफी को अंतरिम नेतृत्व परिषद में विधि विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह परिषद संक्रमण काल के दौरान सुप्रीम लीडर की सभी जिम्मेदारियां संभालेगी, जब तक कि ईरान के संविधान के अनुसार नए नेता का चुनाव नहीं हो जाता।
ईरान के संविधान के तहत इस अंतरिम परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, मुख्य न्यायाधीश गुलाम-होसैन मोहसेनी-एजेई और गार्जियन काउंसिल का एक वरिष्ठ धर्मगुरु शामिल होता है। खामेनेई की मौत के बाद यही परिषद मिलकर देश की बागडोर संभालेगी।
1989 से सत्ता में थे खामेनेई
86 वर्षीय अली खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे। शनिवार को हुए बड़े सैन्य हमले में उन्हें निशाना बनाया गया। इस हमले में सैन्य ठिकानों और सरकारी प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा। रिपोर्ट्स के अनुसार, रक्षा मंत्री अमीर नसेरजादेह और कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर से जुड़े ठिकाने भी हमले की जद में आए।
ट्रंप और नेतन्याहू ने की घोषणा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सबसे पहले खामेनेई की मौत की घोषणा की। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह न्याय का क्षण है।
हालांकि, शुरुआत में ईरान ने इन खबरों का खंडन किया था, लेकिन बाद में आधिकारिक पुष्टि कर दी गई। खामेनेई की मौत के बाद ईरान एक बड़े राजनीतिक बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुका है। देश को एक ओर बाहरी चुनौतियों का सामना करना है, तो दूसरी ओर नए सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।





