कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हिंसक हमला, 10 से अधिक लोगों की मौत, कई घायल

पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने हमला कर दिया, जिसमें 10 से अधिक लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हिंसा ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अमेरिका-इज़राइल हमले में मौत की खबरों के बाद भड़की।
मिली जानकारी के अनुसार, सैकड़ों लोग कराची की माई कोलाची रोड पर जमा हुए थे। प्रदर्शनकारी ईरान समर्थक नारे लगा रहे थे और देखते ही देखते भीड़ बढ़ती चली गई। कुछ लोगों ने बैरिकेड तोड़ दिए और दूतावास के मुख्य गेट पर चढ़ने की कोशिश की। हालात कुछ ही मिनटों में बेकाबू हो गए। दूतावास की खिड़कियां तोड़ी गईं और परिसर के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पास की एक पुलिस चौकी में आग लगा दी गई। इलाके में धुएं के गुबार उठते देखे गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मरने वालों में ज्यादातर प्रदर्शनकारी बताए जा रहे हैं, जिन्हें गोली लगने से जान गंवानी पड़ी। 20 से 30 लोगों के घायल होने की भी खबर है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि दूतावास के अंदर मौजूद तीन अमेरिकी कर्मचारी भी इस अफरा-तफरी में घायल हुए।
स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों और रेंजर्स ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी की गई। स्थानीय मीडिया के अनुसार, जब प्रदर्शनकारियों ने मुख्य भवन में घुसने की कोशिश की, तो अंदर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने गोली चलाई।
बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम उस खबर के बाद शुरू हुआ, जिसमें कहा गया था कि अली खामेनेई की अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले में मौत हो गई है। इस अभियान को कथित तौर पर “ऑपरेशन रोअरिंग लायन” नाम दिया गया था। कराची के अलावा लाहौर, इस्लामाबाद और स्कर्दू में भी विरोध प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी मिशन ने पहले ही संभावित विरोध को देखते हुए सुरक्षा अलर्ट जारी किया था।
फिलहाल कराची में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।





