अयोध्या में प्रभु राम के स्वागत के अवसर पर दीपोत्सव के दो विश्व रिकॉर्ड दर्ज

अयोध्या में प्रभु राम के आगमन पर पूरा शहर रोशनी से जगमगा उठा। दीपोत्सव के दौरान अयोध्या ने दो विश्व कीर्तिमान दर्ज किए। पहले रिकॉर्ड में राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 26.11 लाख दीये जलाए गए। दीपों की गिनती ड्रोन और गिनीज बुक की टीम ने की, और स्वप्निल दंगारीकर व कंसल्टेंट निश्चल बरोट ने नए कीर्तिमान की घोषणा की। यह लगातार नौवीं बार अयोध्या ने यह विश्व रिकॉर्ड बनाया।
#WATCH | Uttar Pradesh: Drone show underway at Ram Ki Paidi on the banks of the River Saryu in Ayodhya.#Deepotsav is being celebrated here.
(Source: ANI/UP Govt) pic.twitter.com/kD5umj8hOW
— ANI (@ANI) October 19, 2025
दूसरा रिकॉर्ड सरयू आरती का रहा, जिसमें 2100 वेदाचार्यों ने एक साथ हिस्सा लिया। यह रिकॉर्ड योगी सरकार ने दूसरी बार हासिल किया। दीपोत्सव का यह भव्य दृश्य देखने के लिए देशभर से हजारों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। रात में भव्य आतिशबाजी और ड्रोन शो ने समारोह को और भी खास बना दिया।
#WATCH | Uttar Pradesh: A Ram Leela is being performed at Ram ki Paidi, located on the banks of the River Saryu in Ayodhya, accompanied by a laser and light show.
With the Ghat lit up with diyas and colourful lights, #Deepotsav is being celebrated here.
(Source: ANI/UP… pic.twitter.com/QRKstAffEq
— ANI (@ANI) October 19, 2025
दीयों की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान रखा गया। गिनीज बुक की 75 सदस्यीय टीम ने घाटों पर दीयों की गिनती की। प्रत्येक दीये में तेल डालने के बाद बाती पर कपूर का पाउडर लगाया गया, जिससे स्वयंसेवकों को दीये जलाने में आसानी हुई। हर घाट पर आवश्यक उपकरण और सामग्री पहले ही समन्वयकों को वितरित कर दी गई थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क में श्रीराम का राजतिलक किया। इस दौरान रामकथा पार्क जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और गुरु वशिष्ठ का तिलक कर माल्यार्पण किया और आरती उतारी। इस अवसर पर राज्य के मंत्री, राम मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधि और संत-महंत भी उपस्थित रहे।
यातायात और सुरक्षा व्यवस्था
दीपोत्सव के चलते अयोध्या धाम क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए कई जगहों से डायवर्जन किया गया। साकेत पेट्रोल पंप, हनुमानगुफा चौराहा, रामघाट चौराहा और अन्य 13 स्थानों पर वाहनों का प्रवेश बंद रहा। स्थानीय लोगों को अपने घरों में ही रहना पड़ा और गलियों में बैरिकेडिंग की गई।
सुरक्षा के लिए लगभग 10 हजार जवान तैनात किए गए। सुरक्षा व्यवस्था 18 जोन और 42 सेक्टर में बंटी रही। सिविल पुलिस के साथ-साथ पीएसी, आरएएफ और एटीएस के कमांडो भी मुस्तैद रहे। रामपथ और राम की पैड़ी के आसपास छतों पर सशस्त्र जवानों की ड्यूटी लगी रही। आग, विस्फोट और सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से किसी भी अप्रिय घटना से बचाव किया गया।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को रही थोड़ी कठिनाई
यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन के कारण श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन में परेशानी हुई। गलियों में जाम और दुकानें बंद होने के कारण उन्हें लंबा समय मार्ग में रुकना पड़ा। इसके बावजूद हजारों श्रद्धालु दीपोत्सव और राज्याभिषेक समारोह का हिस्सा बने और उन्होंने इस भव्य आयोजन का आनंद लिया।





