ट्रंप का बड़ा ऐलान: ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर लगाया 25% टैरिफ

वाशिंगटन. अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने घोषणा की है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापारिक गतिविधियां करेगा, उसे अमेरिका के साथ होने वाले कारोबार पर 25 फीसदी का भारी शुल्क चुकाना पड़ेगा.
सोशल मीडिया पर किया ऐलान
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल के माध्यम से यह घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू होगा. उन्होंने संकेत दिया कि इस निर्णय में किसी प्रकार की ढील या संशोधन की गुंजाइश नहीं होगी.
कौन से देश हो सकते हैं प्रभावित?
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन, रूस, तुर्की और ब्राजील सहित कई प्रमुख देशों के ईरान के साथ मजबूत व्यापारिक रिश्ते हैं. इस नए टैरिफ नियम के लागू होने से इन देशों की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है.
सैन्य कार्रवाई या बातचीत?
व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोमवार को स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वाशिंगटन अभी भी कूटनीतिक बातचीत को प्राथमिकता दे रहा है. उन्होंने कहा, “सैन्य विकल्प मेज पर जरूर है, लेकिन राष्ट्रपति का पहला लक्ष्य कूटनीतिक वार्ता के माध्यम से समाधान खोजना है.”
लेविट ने यह भी जानकारी दी कि ईरान की ओर से आ रहे संदेश विरोधाभासी हैं. उन्होंने कहा कि तेहरान सार्वजनिक रूप से कुछ और बयान दे रहा है, जबकि गुप्त चर्चाओं में उनका रुख अलग नजर आता है. राष्ट्रपति इन मिश्रित संकेतों को समझने का प्रयास कर रहे हैं.
ईरान में विपक्ष से संपर्क
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए थे कि अमेरिका ईरानी अधिकारियों के साथ-साथ विपक्षी नेताओं से भी संवाद स्थापित कर रहा है. उन्होंने ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए तेहरान सरकार को चेतावनी भी दी थी.
ईरान में जनविद्रोह की स्थिति
पिछले कुछ महीनों से ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है. शुरुआत में ये आंदोलन गंभीर आर्थिक मंदी के विरोध में शुरू हुए थे, लेकिन अब प्रदर्शनकारी सरकार में बदलाव की मांग कर रहे हैं. इस अशांति के बीच क्षेत्रीय राजनीति में ईरान की स्थिति भी कमजोर होती जा रही है.
यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में बदलते समीकरणों और अमेरिका की आक्रामक विदेश नीति का संकेत देता है.





