तिरुवनंतपुरम: 45 साल बाद बीजेपी ने तोड़ा वाम गढ़, वीवी राजेश बने मेयर

तिरुवनंतपुरम: केरल के नगर निकाय चुनाव में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में मेयर का चुनाव जीत लिया है. वीवी राजेश को बीजेपी से मेयर चुना गया है, जिसके साथ ही 45 वर्षों से लेफ्ट पार्टियों के शासन का अंत हो गया है.
101 सीटों वाले तिरुवनंतपुरम नगर निगम में हुए मेयर चुनाव में राजेश को बीजेपी के 50 पार्षदों के साथ एक निर्दलीय का भी समर्थन मिला. वहीं, एलडीएफ उम्मीदवार आरपी शिवाजी को 29 वोट और यूडीएफ प्रत्याशी को केवल 17 वोट मिले.
जीत के बाद नवनिर्वाचित मेयर राजेश ने कहा, “हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे, सबको साथ लेकर चलेंगे. सभी 101 वार्डों में विकास कार्य आगे बढ़ाए जाएंगे. तिरुवनंतपुरम को देश के एक विकसित शहर में बदलेंगे.”
राजेश का राजनीतिक सफर
हालांकि सेवानिवृत्त डीजीपी आर श्रीलेखा को मेयर पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व की राय से राजेश के नाम पर मुहर लगी. राजेश दो बार पार्षद, केरल भाजपा सचिव, पूर्व भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष और तिरुवनंतपुरम जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने लेफ्ट शासित तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाया था.
चुनाव परिणाम
नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में 50 सीटें जीतकर इतिहास रचा था और 45 साल पुराने लेफ्ट के गढ़ को ढहा दिया था. कांग्रेस के यूडीएफ ने अपनी सीटें बढ़ाकर 19 कीं, जबकि एलडीएफ को केवल 29 सीटें मिल पाईं.
शुक्रवार को नगर निगम के नवनियुक्त भाजपा पार्षदों और जिले के नेताओं की बैठक हुई, जिसमें केरल भाजपा के महासचिव एस सुरेश ने इसकी घोषणा की. केरल विधानसभा चुनाव के कुछ महीनों पहले यह जीत बीजेपी के लिए बड़ी संजीवनी का काम कर सकती है. केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में बीजेपी इसे अपने लिए बड़ी जीत मान रही है.





