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127 साल बाद भारत लौटे पवित्र पिपरहवा रेलिक्स, पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक क्षण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी ‘द लाइट एंड द लोटस: रेलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन’ का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी 127 साल बाद भारत लौटे पिपरहवा के रत्न अवशेषों के पुनर्मिलन का ऐतिहासिक अवसर है।

इस प्रदर्शनी में 1898 की खुदाई और 1971-75 के दौरान पिपरहवा स्थल से मिले अवशेष, रत्न और अवशेष पात्र प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें से कई दुर्लभ वस्तुएं राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली और भारतीय संग्रहालय, कोलकाता के संग्रह से लाई गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदर्शनी की तस्वीरें साझा करते हुए लोगों से इसे देखने की अपील की।

पीएम मोदी ने कहा कि यह प्रदर्शनी भगवान बुद्ध के महान विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और युवाओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने पिपरहवा अवशेषों को भारत वापस लाने में योगदान देने वाले सभी लोगों की सराहना भी की। इस आयोजन में देश-विदेश से इतिहासकारों, संस्कृति प्रेमियों और बौद्ध अनुयायियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले और वीरांगना रानी वेलु नचियार की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा और सेवा के माध्यम से भारतीय समाज में बड़ा बदलाव लाने का कार्य किया। उन्होंने समानता, न्याय और करुणा के मूल्यों को जीवनभर अपनाया और महिलाओं की शिक्षा के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया।

सावित्रीबाई फुले को भारत की पहली महिला शिक्षिका और भारतीय नारीवाद की जननी माना जाता है। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर 1848 में पुणे में देश के पहले बालिका विद्यालयों में से एक की स्थापना की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने रानी वेलु नचियार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष कर यह साबित किया कि भारत पर शासन करने का अधिकार केवल भारतीयों का है। वे ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती देने वाली पहली महिला शासकों में शामिल थीं। रानी वेलु नचियार ने सहयोगियों की मदद से संगठित सेना बनाई और 1780 में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध जीतकर इतिहास में अपनी वीरता दर्ज कराई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सावित्रीबाई फुले और रानी वेलु नचियार का जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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