नकली पार्सल का असली खेल: COD स्कैम से सावधान!

भारत में एक नया ‘कैश ऑन डिलीवरी’ (COD) घोटाला तेजी से फैल रहा है। इस धोखाधड़ी में ठग लोग भरोसेमंद कूरियर कंपनियों का नाम इस्तेमाल करके नकली पार्सल घर-घर पहुंचा रहे हैं और लोगों से ऐसे पैकेज के लिए पैसे वसूल रहे हैं, जिनका उन्होंने कभी ऑर्डर ही नहीं किया।
यह चेतावनी डिजिटल क्रिएटर त्विषा तुली ने दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वायरल रील शेयर कर अपने साथ हुई घटना बताई। तुली के अनुसार यह स्कैम Delhivery, Blue Dart, Ecom Express और Shadowfax जैसी जानी-मानी डिलीवरी कंपनियों के नाम पर चलाया जा रहा है, जिससे पैकेज असली लगते हैं।
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कैसे होता है यह धोखा
त्विषा तुली ने बताया कि उनके घर एक पैकेज आया जिसमें बाहर लिखा था ‘फेस मास्क’ और किसी रिश्तेदार के नाम पर था, जबकि ऐसा कोई ऑर्डर नहीं किया गया था। उन्होंने पार्सल वापस कर दिया। कुछ दिन बाद उनके परिवार के दूसरे सदस्य के नाम से ऐसा ही पैकेज आया और इस बार घरवालों ने इसे असली समझकर ₹700 नकद दे दिए।
“पैकेज खोलने पर अंदर वह चीज नहीं थी जो बाहर लिखी थी। उस पर चीनी भाषा में कुछ लिखा था और QR कोड भी स्कैन नहीं हो रहा था। हमारा पैसा चला गया,” तुली ने बताया।
उन्होंने कहा कि यह स्कैम खासतौर पर उन घरों को टारगेट करता है जो अक्सर COD पर सामान मंगाते हैं। ठग लोग नाम बदलते रहते हैं, डिलीवरी पार्टनर बदलते रहते हैं और इस तरह पैसे हड़प लेते हैं।
हर उम्र के लोग हो रहे शिकार
तुली ने चेताया कि यह धोखा अब सिर्फ बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि युवाओं को भी निशाना बना रहा है। “हम भी सोचते हैं कि अगर Blue Dart जैसी कंपनी से पार्सल आया है तो वह असली होगा,” उन्होंने कहा।
कैसे रहें सुरक्षित
किसी भी COD पार्सल का पैसा देने से पहले घर के सभी सदस्यों से पुष्टि कर लें।
माता-पिता और दादा-दादी को समझाएं कि सिर्फ नाम देखकर पार्सल को असली न मानें।
अगर कोई संदिग्ध पार्सल मिले तो तुरंत कूरियर कंपनी को रिपोर्ट करें।
भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स सेक्टर में COD भुगतान की अहमियत के बीच यह स्कैम उपभोक्ता सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यह डिलीवरी सिस्टम में कड़े नियम और जांच की जरूरत को भी उजागर करता है।





