दिल्ली प्रदूषण संकट को 8-9 महीनों में ठीक नहीं किया जा सकता: पर्यावरण मंत्री

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में वायु प्रदूषण की समस्या को 8 से 9 महीनों के भीतर पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इतनी कम अवधि में कोई भी चुनी हुई सरकार चमत्कारी सुधार नहीं कर सकती। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिरसा ने दिल्ली के लोगों के गुस्से को जायज बताया और खराब हवा के लिए जनता से माफी भी मांगी। हालांकि उन्होंने प्रदूषण की स्थिति के लिए पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि मौजूदा सरकार को यह समस्या विरासत में मिली है।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार रोज़ाना AQI को कम करने की दिशा में काम कर रही है और मौजूदा स्थिति को एक “बीमारी” बताते हुए कहा कि यह पिछले शासन से चली आ रही है।
स्टेडियम में ‘AQI-AQI’ के नारे, मुद्दा बना चर्चा का केंद्र
प्रदूषण को लेकर जनता की नाराज़गी सोमवार को अरुण जेटली स्टेडियम में भी देखने को मिली। यहां अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के स्वागत के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के भाषण के समय कुछ लोगों ने “AQI-AQI” के नारे लगाए। यह नारे पूरे कार्यक्रम के दौरान गूंजते रहे। खराब मौसम और धुंध की वजह से मेसी की फ्लाइट भी देरी से दिल्ली पहुंची। तय समय से करीब चार घंटे बाद उनका विमान उतरा और वह देर शाम स्टेडियम पहुंचे।
प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम
मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि जिन वाहनों के पास वैध या अपडेटेड PUC सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंपों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि नियमों का पालन हो सके।
उन्होंने बताया कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर अब तक करीब 9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा लकड़ी जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 10 हजार हीटर बांटे गए हैं और बैंक्वेट हॉल्स को DJ के इस्तेमाल पर नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण सामग्री की दिल्ली में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
AQI में हल्का सुधार, लेकिन हालात अब भी गंभीर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स मंगलवार सुबह 9 बजे 378 दर्ज किया गया, जो सोमवार शाम के 427 से कुछ बेहतर है। हालांकि AQI अभी भी गंभीर श्रेणी में बना हुआ है।
मंत्री ने कहा कि महीने-दर-महीने प्रदूषण में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन 8–9 महीनों में बड़ा बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार लैंडफिल साइट्स की ऊंचाई 15 मीटर तक कम कर रही है और 45 एकड़ जमीन को साफ कर दोबारा उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में 62 प्रदूषण हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 13 जगहों पर पिछले साल की तुलना में प्रदूषण कम हुआ है। इसके अलावा 3,427 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी गई हैं और BS-VI मानकों से कम वाले बाहरी निजी वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर रोक लगा दी गई है।





