भारत-चीन संबंधों में नरमी के संकेत: चीन ने भारतीय नागरिकों को दिया वीजा में बड़ा लाभ

भारत स्थित चीनी दूतावास ने 2025 में अब तक भारतीय नागरिकों को 85,000 से अधिक वीजा जारी किए हैं। यह जानकारी भारत में चीन के राजदूत शू फेहोंग ने दी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत-चीन संबंधों को जनस्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चीन भारतीय नागरिकों का खुले, सुरक्षित, जीवंत और मित्रवत वातावरण में स्वागत करता है।
चीन ने भारतीय यात्रियों को आकर्षित करने के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब भारतीय नागरिक कार्यदिवसों में बिना पूर्व ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के सीधे वीजा केंद्र पर आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, अल्पकालिक यात्रा करने वालों को बायोमेट्रिक डेटा देने की आवश्यकता नहीं है। वीजा शुल्क में कटौती के चलते अब चीन की यात्रा भारतीयों के लिए पहले की तुलना में किफायती हो गई है। चीन अपने त्योहारों और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रचार कर भारतीय पर्यटकों को आमंत्रित करने की कोशिश भी कर रहा है।
अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध की पृष्ठभूमि में, चीन अब भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूती देने पर ध्यान दे रहा है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ के कारण चीन के उत्पाद अमेरिका में महंगे हो गए हैं। ऐसे में चीन अब भारत को एक भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार के रूप में देख रहा है। चीनी दूतावास के प्रवक्ता यू जिंग ने कहा, “भारत और चीन के आर्थिक संबंध परस्पर पूरक हैं और दोनों देशों को अमेरिका के टैरिफ के दुरुपयोग का मिलकर सामना करना चाहिए।”
हालांकि भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी सैन्य तनाव संबंधों में बाधा बना हुआ है, लेकिन हालिया घटनाक्रम से यह संकेत मिल रहा है कि चीन अब भारत की रणनीतिक और आर्थिक अहमियत को समझने लगा है। वीजा नीति में ढील और पर्यटन को बढ़ावा देना, इस दिशा में उठाया गया सकारात्मक कदम माना जा रहा है।





