सर्जियो गोर: रूसी कच्चे तेल की जगह वेनेजुएला तेल पर भारत से बातचीत कर रहा है अमेरिका

भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा क्षेत्र को लेकर अहम बातचीत चल रही है। अमेरिका, भारत को वेनेजुएला का तेल बेचने को लेकर सक्रिय बातचीत कर रहा है, ताकि भारत अपने तेल आयात के स्रोतों में विविधता ला सके। अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर अमेरिकी ऊर्जा विभाग, भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है।
यह पहल उस शर्त वाले समझौते के बाद सामने आई है, जिसमें अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले आयात शुल्क घटाने का वादा किया है, बशर्ते भारत रूसी कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता कम करे। अप्रैल से लागू होने वाले अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने और पहले लगाया गया 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क हटाने की तैयारी में है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनका मकसद भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद को रोकना है। अमेरिका का दावा है कि रूसी तेल से मिलने वाली आय यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा दे रही है। इसी वजह से अब भारत के लिए वैकल्पिक स्रोत के तौर पर वेनेजुएला के तेल को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए अमेरिका ने कुछ बड़ी अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग कंपनियों को वेनेजुएला का तेल बेचने की अनुमति दी है। यह अनुमति वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ हुए आपूर्ति समझौते के बाद दी गई है।
भारत की कई बड़ी रिफाइनरी कंपनियां पहले ही वेनेजुएला से तेल खरीदने की तैयारी में जुट गई हैं। इनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच अंतिम व्यापार समझौता जल्द ही साइन किया जाएगा। फिलहाल कुछ तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी दौरान भारत ने अमेरिका के नेतृत्व वाली पैक्स सिलिका पहल में भी शामिल होने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य हाई-टेक सप्लाई चेन को सुरक्षित करना है।





