भारत

भारत में रॉयटर्स का एक्स अकाउंट हुआ ब्लॉक, सरकार ने कहा- नहीं दिया कोई नया आदेश

भारत में अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स का एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया है। जब भारतीय यूजर्स इस अकाउंट को खोलने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्हें यह संदेश दिखाई दे रहा है कि “यह अकाउंट भारत में कानूनी मांग के चलते रोका गया है।” इस पूरे मामले में अब केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

सरकारी प्रवक्ता ने साफ किया है कि भारत सरकार ने रॉयटर्स का एक्स अकाउंट बंद करने के लिए कोई नया आदेश नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने न तो रॉयटर्स को लेकर कोई शिकायत की और न ही इसे ब्लॉक करने की मांग की है। सरकार एक्स (X) कंपनी के संपर्क में है और उम्मीद जताई गई है कि यह समस्या जल्द हल हो जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, यह विवाद एक पुराने आदेश की वजह से खड़ा हुआ है। दरअसल, मई 2024 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स को भारत में ब्लॉक करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, उस समय रॉयटर्स के अकाउंट पर कोई रोक नहीं लगी थी। अब माना जा रहा है कि एक्स कंपनी ने 7 मई 2024 को जारी हुए उसी पुराने आदेश के तहत रॉयटर्स के मुख्य अकाउंट को भी ब्लॉक कर दिया है, जिसकी अब कोई जरूरत नहीं थी। सरकार ने एक्स कंपनी से स्पष्ट जवाब मांगा है और अनुरोध किया है कि रॉयटर्स का अकाउंट तुरंत बहाल किया जाए।

दिलचस्प बात यह है कि रॉयटर्स के अन्य एक्स अकाउंट, जैसे Reuters Tech News, Reuters Fact Check, Reuters Asia और Reuters China, भारत में पूरी तरह सक्रिय हैं। सिर्फ मुख्य अकाउंट और Reuters World अकाउंट पर ही रोक लगाई गई है। एक्स के हेल्प सेंटर के अनुसार, यदि किसी देश की सरकार या अदालत की तरफ से कोई वैध कानूनी मांग आती है, तो कंपनी उस देश में किसी पोस्ट या अकाउंट को ब्लॉक कर सकती है। लेकिन चूंकि इस मामले में सरकार की ओर से कोई नई कानूनी मांग नहीं की गई, इसलिए यह मामला विवाद का कारण बन गया है।

अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि एक्स कंपनी इस गलती को कितनी जल्दी सुधारती है और रॉयटर्स का मुख्य अकाउंट भारत में फिर से कब शुरू होता है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button