भारत में हिमनद झीलों का तेजी से विस्तार, आपदा की चेतावनी!

केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) की हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 432 हिमनद झीलों का जल विस्तार काफी बढ़ गया है, जो आपदा के लिहाज से चिंताजनक है। आयोग ने इन झीलों की सघन निगरानी और पूर्व चेतावनी तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में फैली इन झीलों में अचानक बाढ़ आने की क्षमता है, इसलिए इनकी निगरानी जरूरी है। हिमनद झील एटलस 2023 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कुल 681 हिमनद झीलों में से 432 का जल विस्तार जून 2025 में बढ़ा।
सीडब्ल्यूसी ने बताया कि कुल हिमनद झील क्षेत्र 2011 से 30.83% बढ़कर 1,917 हेक्टेयर से 2,508 हेक्टेयर हो गया है। अरुणाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा 197 झीलों का विस्तार हुआ है, वहीं लद्दाख में 120, जम्मू-कश्मीर में 57, सिक्किम में 47, हिमाचल प्रदेश में 6 और उत्तराखंड में 5 झीलों का क्षेत्र बढ़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक जून 2025 में निगरानी की गई 2,843 झीलों और जल निकायों में से 1,435 का क्षेत्र बढ़ा, 1,008 में कमी आई, जबकि 108 में कोई बदलाव नहीं हुआ। 292 का विश्लेषण अभी नहीं किया गया।
बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण भूस्खलन में 7 लोगों की मौत हुई। जम्मू-कश्मीर के कटरा में बारिश के दौरान मां वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन में 34 लोगों की जान गई।
सीडब्ल्यूसी ने जल शक्ति मंत्रालय, एनडीएमए और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के बीच समन्वय के साथ नेपाल, भूटान और चीन जैसे पड़ोसी देशों के साथ सीमापार सहयोग की भी अपील की है। आयोग ने निचले इलाकों के समुदायों के लिए उपग्रह आधारित अलर्ट और वास्तविक समय निगरानी प्रणाली की स्थापना की सिफारिश की है।





