बेंगलुरु में Oracle की छंटनी से IT सेक्टर पर संकट के संकेत, रियल एस्टेट पर भी असर

बेंगलुरु से आई खबर ने देश के IT सेक्टर को लेकर नई चिंताएं बढ़ा दी हैं। Oracle India में हाल ही में हुई बड़ी छंटनी के बाद अब इसका असर दूसरे सेक्टरों पर भी दिखने लगा है, खासकर रियल एस्टेट बाजार पर। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने भारत में करीब 12,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। यह कदम कंपनी की वैश्विक स्तर पर करीब 30,000 कर्मचारियों की छंटनी योजना का हिस्सा है। प्रभावित कर्मचारियों को ईमेल के जरिए “ऑर्गनाइजेशनल बदलाव” का कारण बताते हुए तुरंत नौकरी से हटा दिया गया।
बताया जा रहा है कि आने वाले हफ्तों में और छंटनी हो सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सिर्फ एक कंपनी की समस्या नहीं, बल्कि पूरे IT सेक्टर में धीमी पड़ती रफ्तार का संकेत है। विशेषज्ञों के अनुसार, 2005 से 2020 के बीच IT सेक्टर हर साल करीब 15% की दर से बढ़ रहा था, लेकिन अब यह ग्रोथ घटकर 5-6% रह गई है। कोरोना के बाद से भर्ती भी काफी कम हो गई है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता इस्तेमाल भी इस बदलाव को तेज कर रहा है। अनुमान है कि 2031 तक IT और कॉल सेंटर से जुड़े करीब 20% नौकरियों पर ऑटोमेशन का असर पड़ सकता है। इसका असर अब बेंगलुरु के रियल एस्टेट बाजार में भी दिख रहा है। IT प्रोफेशनल्स, जो पहले घर खरीदने में सबसे आगे रहते थे, अब महंगे घर खरीदने से बच रहे हैं। कई लोग घर खरीदने का फैसला टाल रहे हैं या सस्ते विकल्प चुन रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि छंटनी सिर्फ नौकरी खोने वालों को ही नहीं, बल्कि काम कर रहे लोगों को भी असुरक्षित महसूस कराती है, जिससे खर्च और निवेश दोनों कम हो जाते हैं। शेयर बाजार में भी इसका असर देखा जा रहा है। 2026 में अब तक Nifty IT इंडेक्स करीब 25% गिर चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि ऑटोमेशन के बढ़ते असर से सेक्टर में “डिफ्लेशनरी फेज” आ सकता है।
हालांकि, लंबे समय में इस सेक्टर का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां AI के साथ कितनी तेजी से खुद को ढाल पाती हैं। फिलहाल, छंटनी, कम होती नौकरियां और लोगों की सतर्कता यह दिखाती है कि IT सेक्टर में हो रहे बदलाव का असर अब पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है।





