सोशल मीडिया पर ठगी का धंधा: LinkedIn और WhatsApp से करोड़ों की ठगी

शहर में साइबर अपराध के मामलों में निवेश से जुड़ी ठगी लगातार लोगों को सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है। पिछले 48 घंटों में ही 12 लोगों ने साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क कर बताया कि उन्हें 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। वहीं, चार अन्य लोगों ने पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर हुई ठगी में करीब 36 लाख रुपये गंवाने की शिकायत दर्ज कराई है।
बंडलागुडा जागीर के रहने वाले दो 48 वर्षीय टेक कर्मचारियों ने साइबराबाद साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि लिंक्डइन पर दिखे विज्ञापन के जरिए उन्हें FYERS DMA नाम का एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म मिला। आरोप है कि खुद को ‘प्रोफेसर गोपाल कवलीरेड्डी’ बताने वाला एक ठग और उसकी सहयोगी ‘नैना वर्मा’ ने उन्हें शेयर बाजार में निवेश के लिए इस फर्जी ऐप का इस्तेमाल करने को कहा।
जांच अधिकारियों के अनुसार, ठगों ने निवेशकों को आईपीओ अलॉटमेंट, ब्लॉक डील और ‘अपर सर्किट’ मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। इस मामले में एक पीड़ित ने 29 अक्टूबर से 10 दिसंबर के बीच 36.43 लाख रुपये गंवाए, जबकि दूसरे ने 4 दिसंबर से 29 दिसंबर के बीच 27.98 लाख रुपये का नुकसान झेला।
एक अन्य मामले में आसिफ नगर के 38 वर्षीय कारोबारी ने बताया कि फेसबुक और व्हाट्सऐप पर चल रहे फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग सलाह समूहों ने उसे ADVPMA नाम का एक ऐप इंस्टॉल करने के लिए उकसाया। ठगों ने भारी मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट भेजे, जिन पर भरोसा कर उसने 14 दिसंबर से 7 जनवरी के बीच 15 बैंक खातों में 27.05 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगी का एहसास होने पर उसने हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया।
इसी तरह, मलकाजगिरी के 39 वर्षीय निजी कर्मचारी ने 6 से 9 जनवरी के बीच 15.4 लाख रुपये गंवाए। वह साइबर ठगों की सलाह पर Cboe Global Market नाम के फर्जी ट्रेडिंग ऐप से जुड़ा था और बाद में राचकोंडा पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। वहीं, प्रगति नगर के 29 वर्षीय सिविल इंजीनियर ने व्हाट्सऐप ग्रुप एडमिन की सलाह पर GTS-C नाम के फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग ऐप में निवेश किया और 17 दिसंबर से 7 जनवरी के बीच करीब 12 लाख रुपये गंवा दिए।
पुलिस के अनुसार, 10 और 11 जनवरी के बीच हैदराबाद, साइबराबाद और राचकोंडा साइबर क्राइम पुलिस को ऐसे सात और मामले मिले, जिनमें पीड़ितों ने 2.75 लाख से 10 लाख रुपये तक के नुकसान की शिकायत की है। इसके अलावा, राचकोंडा पुलिस को वीकेंड के दौरान पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर हुई ठगी की चार शिकायतें भी मिलीं, जिनमें कुल 36 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
पुलिस ने इन सभी मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कुल 16 केस दर्ज किए हैं और आगे की जांच जारी है।





