विश्व पर्यावरण दिवस पर पीएम मोदी ने की ‘अरावली ग्रीन वॉल परियोजना’ की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को गुरुग्राम के भगवान महावीर वनस्थली पार्क में पौधारोपण कर ‘अरावली ग्रीन वॉल परियोजना’ की औपचारिक शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के दूसरे चरण की भी घोषणा की। यह परियोजना देश की सबसे पुरानी पर्वत शृंखलाओं में से एक अरावली को हराभरा करने की एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, “अरावली पर्वत शृंखला इस धरती की सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में से एक है, जो दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात को जोड़ती है। यह क्षेत्र वर्षों से पर्यावरणीय चुनौतियों से जूझ रहा है। अब हमारी सरकार इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
परियोजना की शुरुआत पर पीएम मोदी ने कहा, “हमारा फोकस इस पर्वत शृंखला से जुड़े क्षेत्रों के कायाकल्प पर है। हम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर जल स्रोतों में सुधार, धूल भरी आंधियों पर नियंत्रण और थार रेगिस्तान के विस्तार को रोकने जैसे कदम उठाएंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नई तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा, विशेषकर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, जहां जगह की कमी है। वृक्षारोपण को जियो-टैग किया जाएगा और ‘मेरी लाइफ पोर्टल’ पर इसकी निगरानी की जाएगी। पीएम मोदी ने युवाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील भी की।
‘अरावली ग्रीन वॉल परियोजना’ का उद्देश्य दिल्ली से लेकर गुजरात तक फैली अरावली पर्वत श्रृंखला के पांच किलोमीटर चौड़े बफर ज़ोन में हरित आवरण को बढ़ाना है। इसके तहत दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के 29 जिलों को कवर किया जाएगा। इस इलाके में करीब 64 लाख हेक्टेयर भूमि शामिल है, जिसमें से करीब 42% भूमि बंजर है।
Today, on #WorldEnvironmentDay, we strengthened the #EkPedMaaKeNaam initiative with a special tree plantation drive. I planted a sapling at the Bhagwan Mahavir Vanasthali Park in Delhi. This is also a part of our effort to reforest the Aravalli range – the Aravalli Green Wall… pic.twitter.com/6mwbkQukPv
— Narendra Modi (@narendramodi) June 5, 2025
सरकार की योजना है कि इन जिलों में करीब 1,000 नर्सरी तैयार की जाएंगी और स्थानीय स्तर पर वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाए। यह क्षेत्र चार बाघ अभयारण्यों और 22 वन्यजीव अभयारण्यों को भी अपने में समेटे हुए है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के दूसरे चरण की भी शुरुआत की। इस जन आंदोलन की शुरुआत 5 जून 2024 को की गई थी, जिसे अब 2025 में भी आगे बढ़ाया जा रहा है। पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक, अब तक इस अभियान के तहत देशभर में 109 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए जा चुके हैं।
इस अवसर पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने-अपने राज्यों से वर्चुअल माध्यम से इस अभियान में भागीदारी दर्ज कराई। सभी ने अपने राज्यों में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
‘अरावली ग्रीन वॉल परियोजना’ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों के माध्यम से केंद्र सरकार देश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में सक्रिय है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल हरियाली बढ़ाएगी, बल्कि मरुस्थलीकरण और वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाने में भी मददगार साबित हो सकती है।





