लाइफस्टाइल

18 नहीं, इससे भी कम! जानें किस देश में सबसे पहले मिलता है वोटिंग राइट

काठमांडू. नेपाल की राजनीति में हाल ही में हुए Gen-Z प्रोटेस्ट ने बड़ा असर दिखाया है. पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली की सरकार को इस विरोध के चलते इस्तीफा देना पड़ा और कई मंत्री देश छोड़कर भाग गए. इसी उथल-पुथल के बीच नेपाल को उसकी पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की मिलीं, जो देश की पूर्व चीफ जस्टिस रह चुकी हैं.

कार्की ने युवाओं की मांग को देखते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया है. उन्होंने घोषणा की है कि अब नेपाल में 16 साल के युवा भी वोट डाल सकेंगे. इससे पहले नेपाल में न्यूनतम वोटिंग उम्र 18 साल थी. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह फैसला युवाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लिया गया है. साथ ही, सरकार विदेश में रहने वाले नेपाली नागरिकों को भी वोट का अधिकार देने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए कानून में संशोधन किया जाएगा.

ब्रिटेन से नेपाल को मिला उदाहरण

नेपाल से पहले ब्रिटेन ने भी इसी तरह का बड़ा बदलाव किया था. ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने 2024 के चुनावों में वादा किया था कि वे वोटिंग की उम्र घटाकर 16 साल कर देंगे. चुनाव जीतने के बाद सरकार ने इसे लागू भी कर दिया.

किन-किन देशों में है कम वोटिंग उम्र?

दुनिया के ज्यादातर देशों में वोट डालने की उम्र 18 साल तय है, लेकिन कुछ देशों ने इसे 17 या 16 कर दिया है.

  • 16 साल पर वोटिंग अधिकार: ब्राजील, जर्मनी, माल्टा, क्यूबा, अर्जेंटीना, बेल्जियम और ऑस्ट्रिया जैसे देशों में.
  • 17 साल पर वोटिंग अधिकार: ग्रीस, सूडान, इंडोनेशिया और उत्तर कोरिया.

यानी वैश्विक स्तर पर सबसे कम वोटिंग उम्र 16 साल ही है, और अब नेपाल भी इस सूची में शामिल हो गया है.

कहां है सबसे ज्यादा वोटिंग उम्र?

कुछ देशों में वोट डालने की उम्र काफी ज्यादा रखी गई है.

  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE): 25 साल
  • 21 साल की वोटिंग उम्र: मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, ओमान, कैमरून, सोलोमन और लेबनान.

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