NASA का बड़ा मिशन: 1 अप्रैल को चांद की कक्षा में जाएंगे चार अंतरिक्ष यात्री

दुनिया को एक बार फिर चांद पर इंसानों की वापसी का इंतजार है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने घोषणा की है कि उसका मानवयुक्त मिशन Artemis II अप्रैल में लॉन्च किया जा सकता है। यह मिशन अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की कक्षा तक लेकर जाएगा और करीब 50 साल बाद पहली बार इंसान फिर से चंद्रमा के आसपास यात्रा करेगा।
NASA teams have polled ‘go’ to proceed toward Artemis II’s launch around the Moon.
We’re targeting March 19 to roll the rocket out to the launchpad at @NASAKennedy in advance of a launch attempt on April 1, pending completion of work at the pad: https://t.co/B58YibEjYI pic.twitter.com/vSVV6wx5No
— NASA (@NASA) March 12, 2026
1 अप्रैल को हो सकता है लॉन्च
नासा के अनुसार इस मिशन को 1 अप्रैल को लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। अगर किसी कारण से उस दिन लॉन्च नहीं हो पाया तो 2 अप्रैल को बैकअप तारीख के रूप में रखा गया है। इस मिशन के लिए स्पेस लॉन्च सिस्टम (एसएलएस) रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर में के लॉन्च पैड 39B पर ले जाने की तैयारी चल रही है।
चार अंतरिक्ष यात्री जाएंगे चांद के पास
इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे। इनमें रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। यह टीम लगभग 10 दिन की यात्रा में चांद की कक्षा के आसपास घूमकर वापस पृथ्वी पर लौटेगी।
भविष्य में चांद और मंगल मिशन की तैयारी
नासा के अनुसार यह मिशन उसके आर्टेमिस कार्यक्रम का अहम हिस्सा है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य चांद पर लंबे समय तक मानव मौजूदगी स्थापित करना और भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजने की तैयारी करना है।
तकनीकी दिक्कत के कारण पहले टला था मिशन
इस मिशन को पहले भी टालना पड़ा था, क्योंकि रॉकेट के ऊपरी हिस्से में हीलियम के प्रवाह से जुड़ी तकनीकी समस्या सामने आई थी। मरम्मत के बाद अब मिशन को फिर से लॉन्च के लिए तैयार किया गया है।
अपोलो मिशन के बाद पहली बड़ी वापसी
आखिरी बार इंसान अपोलो 17 मिशन के दौरान 1972 में चांद पर गया था। उससे पहले नील आर्मस्ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन ने अपोलो 11 मिशन के तहत 1969 में चांद पर कदम रखा था।
दुनिया भर में चंद्र मिशनों की होड़
इस बीच दुनिया के कई देश चंद्रमा मिशनों पर काम कर रहे हैं। China 2030 तक इंसान को चांद पर भेजने की योजना बना रहा है, वहीं भारत भी अपने गगनयान कार्यक्रम के तहत 2027-28 तक अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजने की तैयारी कर रहा है।





