दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश से गर्मी से राहत, हिमाचल में मानसून से भारी तबाही

राजधानी दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में बुधवार शाम को हल्की बारिश हुई, जिससे उमस भरे मौसम से थोड़ी राहत मिली। दिल्ली हाईकोर्ट, साउथ मोती बाग, सिविल लाइंस और नोएडा सेक्टर 11 जैसे इलाकों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 17 से 19 सितंबर के बीच आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रहेगा और हल्की बारिश हो सकती है। 20 सितंबर को आसमान आंशिक रूप से साफ रहेगा, जबकि 21 से 23 सितंबर तक मौसम साफ रहने की संभावना है।
#WATCH | Delhi NCR witnesses a fresh spell of rain. Visuals from the Civil Lines area. pic.twitter.com/RHO8zXBk4S
— ANI (@ANI) September 17, 2025
जहां एक ओर दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मौसम खुशनुमा हुआ, वहीं हिमाचल प्रदेश में इस बार के मानसून ने भारी तबाही मचाई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक राज्य में 417 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 236 की जान भूस्खलन, बाढ़ और डूबने जैसे वर्षा जनित हादसों में गई है।
SDMA की रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश से 1,668 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जबकि 29,362 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 584 दुकानें और फैक्ट्रियां नष्ट हो गईं, और 2,000 से अधिक गोशालाएं और मजदूरों की झोपड़ियां ढह गईं, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिसका कुल अनुमानित नुकसान ₹4,582 करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (PWD) को हुआ है, जिसे ₹2,80,000 लाख का नुकसान हुआ है। जल शक्ति विभाग को ₹1,40,531 लाख और बिजली विभाग को करीब ₹13,946 लाख का नुकसान हुआ है। इसके अलावा स्कूल, अस्पताल, सिंचाई और ग्रामीण सुविधाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
SDMA ने यह भी बताया कि लगातार बारिश ने राज्य के नाजुक पर्यावरण और बुनियादी ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचाया है। इससे सड़क संपर्क, खेती और जरूरी सेवाएं बुरी तरह बाधित हो गई हैं।





