JNU से पढ़े अभिजीत बनर्जी, दो अन्य को मिला अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार
2019 का इकोनॉमिक्स का नोबेल भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो और माइकल क्रेमर को दिया गया है,
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने कहा.
अभिजीत, एस्थर और माइकल को वैश्विक गरीबी कम करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए यह पुरस्कार दिया गया है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी.

उन्होंने ट्वीट किया “अभिजीत बनर्जी को अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में 2019 Sveriges Riksbank पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर बधाई। उन्होंने गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है.मैं प्रतिष्ठित नोबल जीतने के लिए एस्तेर डुफ्लो और माइकल क्रेमर को भी बधाई देता हूं।”
I also congratulate Esther Duflo and Michael Kremer for wining the prestigious Nobel.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 14, 2019
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भारतीय-अमेरिकी अभिजीत बनर्जी, जिन्होंने अपनी पत्नी एस्तेर डुफ्लो के साथ अर्थशास्त्र के लिए 2019 का नोबेल पुरस्कार जीता, वर्तमान में अमेरिका स्थित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं।
अभिजीत का जन्म 21 फरवरी 1961 में कोलकाता में हुआ था. उनकी स्कूलिंग कोलकाता के साउथ प्वाइंट स्कूल में हुई. फिर ग्रेजुएशन कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज में की. इसके बाद 1983 में इकोनॉमिक्स से एमए जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सटी (JNU) से किया. बाद में 1988 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी की.
वही अभिजीत की पत्नी फ्रेंच-अमेरिकन एस्थर डुफ्लो पुरस्कार के 50 साल के इतिहास में दूसरी महिला अर्थशास्त्री विजेता बन गयी है और 46 साल की सबसे कम उम्र की है।






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