गाजा में इस्राइली हमले तेज़, 24 घंटे में 61 फलस्तीनियों की मौत

गाजा पट्टी में इस्राइल के हमले लगातार तेज़ हो रहे हैं। बीते 24 घंटों में हुए हमलों में 61 फलस्तीनियों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस युद्ध में 50,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 1.13 लाख से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
इस्राइल और हमास के बीच युद्धविराम कराने के लिए मिस्र ने नया प्रस्ताव पेश किया है। इस समझौते के तहत हमास पांच जीवित बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें एक अमेरिकी-इस्राइली नागरिक भी शामिल है। इसके बदले में इस्राइल गाजा में मानवीय सहायता की अनुमति देगा और कई फलस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। हमास ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है, जिससे संघर्षविराम की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
गाजा के दक्षिणी शहर रफाह में इस्राइली सेना ने घेरेबंदी तेज कर दी है, जिससे हजारों लोग वहां फंस गए हैं। इस्राइल ने टेल अल-सुल्तान इलाके को खाली करने का आदेश दिया है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, अभी भी वहां बड़ी संख्या में नागरिक और राहतकर्मी मौजूद हैं।
इस्राइली हमले में एक स्कूल को निशाना बनाया गया, जहां विस्थापित लोग शरण लिए हुए थे। इस हमले में एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य घायल हो गए। इस्राइल का कहना है कि वह केवल आतंकियों को निशाना बना रहा है, लेकिन नागरिक हताहतों के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया।
गाजा में काम कर रहे अमेरिकी सर्जन डॉ. फिरोज सिधवा ने अस्पतालों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि कई घायल मरीज पहले के हमलों में जख्मी हुए थे और इलाज करा रहे थे, लेकिन नए हमलों में वे दोबारा चोटिल हो गए। इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी सेना आम नागरिकों को निशाना नहीं बना रही और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन कर रही है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि जब तक हमास बंधकों को नहीं छोड़ता और खतरा बरकरार रहता है, तब तक इस्राइली सैन्य अभियान जारी रहेगा।





