इंडिगो संकट गहराया: दो दिनों में 70 से ज्यादा उड़ानें रद्द, क्रू की कमी से बिगड़ा संचालन

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बुधवार को अपने नेटवर्क में बड़े परिचालन व्यवधान का सामना किया, जिसके चलते 70 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। रद्द होने वाली उड़ानों में बेंगलुरु और मुंबई जैसे व्यस्त हवाईअड्डों से उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स भी शामिल रहीं। सूत्रों के अनुसार, एयरलाइन को मुख्य रूप से चालक दल की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से उड़ानों में देरी और रद्दीकरण बढ़ गया है।
एयरलाइन के कई विमानों को विभिन्न हवाई अड्डों पर समय पर उड़ान भरने में परेशानी हुई, क्योंकि कंपनी अपनी परिचालन जरूरतों के अनुसार पर्याप्त क्रू उपलब्ध नहीं करा सकी।
इंडिगो के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा कि पिछले कुछ दिनों में तकनीकी खामियों, हवाईअड्डों पर बढ़ती भीड़भाड़, सर्दियों के मौसम और अन्य परिचालन समस्याओं की वजह से कई उड़ानों में देरी हुई है और कुछ रद्द करनी पड़ी हैं।
पीटीआई के मुताबिक, नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के दूसरे चरण के लागू होने के बाद से इंडिगो के पास उपलब्ध क्रू की संख्या कम पड़ रही है। इस वजह से एयरलाइन की समय-सारिणी बुरी तरह प्रभावित हुई है और कई हवाई अड्डों पर फ्लाइट ऑपरेशन धीमे पड़ गए हैं। सूत्रों ने बताया कि मंगलवार से स्थिति खराब होना शुरू हुई और बुधवार तक संकट और गहरा गया।
इंडिगो ने स्वीकार किया कि उसके नेटवर्क में पिछले दो दिनों से परिचालन बाधित है। एयरलाइन ने कहा है कि अगले 48 घंटों के लिए उसने अपने शेड्यूल में योजनाबद्ध तरीके से बदलाव किए हैं, जिसमें कई उड़ानों का समय बदला जाएगा या उन्हें रद्द किया जा सकता है। कंपनी ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
प्रवक्ता ने कहा कि परिचालन चुनौतियाँ अचानक सामने आईं और उनका अनुमान पहले से लगाना मुश्किल था।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, छह प्रमुख हवाईअड्डों पर इंडिगो का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस मंगलवार को गिरकर 35% रह गया। तुलना में एयर इंडिया का प्रदर्शन 67.2%, स्पाइसजेट का 82.5%, एयर इंडिया एक्सप्रेस का 79.5% और अकासा एयर का 73.2% रहा।
नए FDTL मानदंडों में साप्ताहिक विश्राम अवधि को बढ़ाकर 48 घंटे किया गया है, रात के समय उड़ान संचालन में सीमाएं तय की गई हैं और नाइट लैंडिंग की संख्या को छह से घटाकर केवल दो किया गया है। एयरलाइंस ने शुरुआत में इन नियमों का विरोध किया था, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद DGCA ने इन्हें लागू कर दिया। इन मानदंडों का पहला चरण जुलाई में लागू हुआ था, जबकि दूसरा चरण 1 नवंबर से प्रभावी हुआ।
गुरुग्राम स्थित इंडिगो प्रतिदिन करीब 2,300 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती है, जिनमें से बड़ी संख्या रात में उड़ाई जाती हैं। प्लेनस्पॉटर डॉट कॉम के अनुसार, 2 दिसंबर तक इंडिगो के बेड़े में 416 विमान थे, जिनमें 366 उड़ान संचालन में थे, जबकि 50 विमान ग्राउंडेड थे। पिछले महीने यह संख्या 47 थी।





