भारत का बड़ा कदम: ऑपरेशन सिंधु में अब नेपाल-श्रीलंका के नागरिक भी शामिल

ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष के चलते हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘ऑपरेशन सिंधु’ की शुरुआत की है। अब इस राहत अभियान का दायरा और बढ़ा दिया गया है। ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी है कि नेपाल और श्रीलंका की सरकारों के अनुरोध पर भारत अब इन दोनों देशों के नागरिकों को भी ऑपरेशन सिंधु के तहत सुरक्षित बाहर निकालेगा। भारतीय दूतावास ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि नेपाल और श्रीलंका के नागरिकों को भी भारत की मदद मिलेगी और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा।
इस बीच, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अब तक ऑपरेशन सिंधु के तहत कुल 517 भारतीय नागरिकों को ईरान से सफलतापूर्वक भारत लाया जा चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि 21 जून की सुबह 3 बजे, तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात से एक विशेष फ्लाइट भारत की राजधानी दिल्ली पहुंची, जिसमें ईरान में फंसे भारतीय नागरिक सवार थे। यह फ्लाइट भारत सरकार के प्रयासों के तहत चलाई गई और यह मिशन आगे भी जारी रहेगा।
गौरतलब है कि ईरान और इज़राइल के बीच यह संघर्ष 13 जून से शुरू हुआ, जब इज़राइल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला किया। इस सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नाम दिया गया। इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3’ के तहत इज़राइल के जेट फ्यूल प्लांट और ऊर्जा केंद्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अब यह युद्ध अपने नौवें दिन में पहुंच चुका है और हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
भारत इससे पहले भी कई बार दुनिया के विभिन्न संकटग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाल चुका है। साल 2023 में सूडान में संघर्ष के दौरान ‘ऑपरेशन कावेरी’ चलाया गया था। इसी साल इज़राइल-हमास युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन अजय’ के तहत भी भारतीयों को वापस लाया गया। 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन गंगा’ और 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद ‘ऑपरेशन देवी शक्ति’ शुरू किया गया था।
2020 में कोरोना महामारी के समय ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु’ और 2015 में यमन संकट के समय ‘ऑपरेशन राहत’ चलाया गया। 2011 में लीबिया संकट के दौरान ‘ऑपरेशन सेफ होमकमिंग’ के जरिए भी भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई थी। भारत बार-बार यह साबित करता आया है कि वह न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि मित्र देशों की मदद के लिए भी हमेशा तैयार रहता है।





