यमन की जेल से रिहा होंगी भारतीय नर्स निमिषा प्रिया, ईसाई प्रचारक केए पॉल का दावा

यमन की राजधानी सना की जेल में वर्षों से मौत की सजा काट रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की रिहाई की उम्मीद अब एक बार फिर जग गई है। ईसाई धर्म प्रचारक और ‘ग्लोबल पीस इनीशिएटिव’ के संस्थापक डॉ. केए पॉल ने दावा किया है कि यमन सरकार ने निमिषा की मौत की सजा रद्द कर दी है और उन्हें जल्द भारत भेजा जाएगा।
डॉ. पॉल ने मंगलवार रात एक वीडियो संदेश जारी कर यमन के नेताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “पिछले 10 दिनों में यमन के नेताओं ने दिन-रात मेहनत की। अब निमिषा की सजा माफ हो चुकी है। ईश्वर की कृपा से वह जल्द भारत लौटेंगी।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया और बताया कि भारत सरकार द्वारा निमिषा को वापस लाने के लिए राजनयिकों को यमन भेजा जा रहा है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी हाल ही में पुष्टि की थी कि सरकार निमिषा प्रिया की रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। मंत्रालय ने यमन में एक अनुभवी वकील को नियुक्त किया है जो स्थानीय कानूनों और शरिया नियमों के तहत उनकी पैरवी कर रहा है। निमिषा प्रिया के मामले में धार्मिक मोर्चे पर भी कोशिशें जारी रही हैं। केरल के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद कांतापुरम ने यमन के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं से संपर्क कर अपील की थी कि वे निमिषा की सजा माफ करवाएं। उन्होंने दावा किया कि इसी पहल के बाद 16 जुलाई को दी जाने वाली फांसी टाल दी गई।
निमिषा प्रिया केरल के पलक्कड़ की रहने वाली हैं। वह 2008 में नर्सिंग के पेशे में काम करने यमन गई थीं। वहां उन्होंने कई अस्पतालों में सेवा दी और 2015 में यमन के एक नागरिक तलाल अब्दो महदी के साथ मिलकर एक मेडिकल क्लीनिक शुरू किया। 2017 में महदी की लाश एक पानी की टंकी से बरामद हुई। आरोप लगा कि निमिषा ने उन्हें नींद की गोलियों का ओवरडोज देकर मार डाला और शव को छिपाने की कोशिश की। एक महीने बाद निमिषा को यमन-सऊदी सीमा से गिरफ्तार किया गया।
उनके वकील ने दलील दी कि महदी उनके साथ शारीरिक उत्पीड़न कर रहा था और उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया था। हालांकि महदी के परिवार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। साल 2020 में सना की एक अदालत ने निमिषा को मौत की सजा सुनाई थी, जिसे 2023 में यमन के सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। तब से वह सना जेल में बंद हैं।
अगर डॉ. केए पॉल के दावे सही साबित होते हैं, तो यह निमिषा प्रिया और उनके परिवार के लिए राहत भरी खबर होगी। भारत सरकार की राजनयिक कोशिशों और धार्मिक नेताओं की पहल से उनकी वापसी संभव होती नजर आ रही है। अब निगाहें यमन सरकार की आधिकारिक पुष्टि और रिहाई की प्रक्रिया पर टिकी हैं।





